73 लाख किसानों के खाते में पहुंची 1,476 करोड़ रुपये, जानिए किसे मिली योजना की राशि
बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत 1,476 करोड़ रुपये की राशि खाते में ट्रांसफर की गई है.
पटना (PATNA): बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत 1,476 करोड़ रुपये की राशि खाते में ट्रांसफर की गई है. गुजरात के बनासकांठा में आयोजित प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना स्थित ज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए. इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता देकर खेती-किसानी को मजबूती प्रदान की जा रही है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. राज्य में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रति किसान 7,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है. वहीं, कृषि इनपुट सब्सिडी के तहत भी 270 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. उन्होंने अधिकारियों को हाल के दिनों में बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार टाल और दियारा क्षेत्रों की खेती को व्यवस्थित करने के लिए गाद प्रबंधन नीति बनाई गई है. नेपाल की तराई से आने वाले पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद जमा होने से किसानों को खेती में परेशानी होती है. इस समस्या के समाधान के लिए गाद हटाने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है. ऐसे में किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है. गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने और इथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का अधिक लाभ मिल सके.
मुख्यमंत्री ने कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. कृषि फीडरों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है. इसके लिए सरकार को हर साल लगभग 5,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ती है.