बिहार में पंचायत चुनाव से पहले बदलेगी पंचायतों की सीमा, 10 सितंबर तक पूरा होगा अहम काम

बिहार पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है. 2011 की जनगणना के आधार पर ईबी की सीमाओं का विवरण मोबाइल एप पर दर्ज किया जाएगा.

बिहार में पंचायत चुनाव से पहले बदलेगी पंचायतों की सीमा, 10 सितंबर तक पूरा होगा अहम काम

BIHAR NEWS: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक विवरण जुटाकर 10 सितंबर 2026 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

2011 की जनगणना के आंकड़े होंगे आधार 

नए परिसीमन में वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा. पंचायतों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा निर्धारित करते समय जनसंख्या के साथ भौगोलिक क्षेत्र में यथासंभव संतुलन रखने का प्रयास होगा. इस प्रक्रिया के कारण कुछ पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों की वर्तमान सीमाओं में बदलाव संभव है.परिसीमन को डिजिटल तरीके से पूरा करने के लिए विशेष मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें प्रत्येक इन्यूमरेशन ब्लॉक (EB) की चौहद्दी का विवरण दर्ज किया जाएगा. कर्मचारियों को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के साथ उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम तथा केंद्र की जानकारी भी दर्ज करनी होगी. इससे संबंधित क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी.

नक्शे से होगा जमीनी स्थिति का मिलान 

वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर EB की जनसंख्या और सीमा से संबंधित नक्शे भी उपलब्ध कराए गए हैं. कर्मचारी परिसीमन मॉड्यूल के माध्यम से जरूरी डेटा प्राप्त कर सकेंगे. इसके बाद रिकॉर्ड और वास्तविक जमीनी स्थिति का मिलान कर मोबाइल एप में जानकारी अपडेट की जाएगी.इस प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा कराने के लिए 25 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशिक्षण दिया गया. अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल एप तथा परिसीमन मॉड्यूल के इस्तेमाल की जानकारी दी गई. अभ्यास के लिए डेमो एप भी उपलब्ध कराया गया है.

10 सितंबर तक पूरा करना होगा काम 

राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला स्तर के अधिकारियों को तय समय के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं. वहीं, 1991 की जनगणना के आधार पर हुए पुराने परिसीमन से संबंधित रिकॉर्ड पहले ही आयोग को भेजा जा चुका है. अब 2011 की जनगणना के आधार पर चल रही नई प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायतों और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण की आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.