4 दिन बाद सकुशल मिला 8 माह का मासूम, शादी कराने के लालच में रची गई थी अपहरण की साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार

4 दिन बाद सकुशल मिला 8 माह का मासूम, शादी कराने के लालच में रची गई थी अपहरण की साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार

नालंदा (NALANDA) : बिहार के नालंदा जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव से अपहृत 8 माह के मासूम जनसुराज मांझी को पुलिस ने चार दिन के अंदर सकुशल बरामद कर लिया. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं मेडिकल जांच के लिए ले जाए जाने के दौरान एक महिला ने आरोपी की चप्पल से पिटाई कर दी. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया.

रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था गायब

जानकारी के अनुसार, 26 जून की रात करीब एक बजे महेश मांझी अपने परिवार के साथ घर के बाहर सो रहे थे. इसी दौरान उनका आठ माह का बेटा जनसुराज मांझी रहस्यमय तरीके से गायब हो गया. काफी तलाश के बाद भी बच्चे का पता नहीं चलने पर महेश मांझी ने छबिलापुर थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई.

दोनों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की. जांच के दौरान कंचनपुर गांव निवासी 30 वर्षीय धर्मेन्द्र कुमार उर्फ लंगड़ा और उसकी चाची मिन्टु देवी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में दोनों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया.

पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा

राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि धर्मेन्द्र दिव्यांग है और इसी कारण उसकी शादी नहीं हो पा रही थी. उसकी चाची मिन्टु देवी ने उसे बच्चे के अपहरण के लिए उकसाया था. योजना के तहत बच्चे को धर्मेन्द्र की दूर की एक रिश्तेदार महिला को सौंपना था, जिसे संतान नहीं थी. इसके बदले धर्मेन्द्र की शादी कराने का आश्वासन दिया गया था. दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह पूरी वारदात पहले से बनाई गई साजिश का हिस्सा थी.

सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

पुलिस ने धर्मेन्द्र की निशानदेही पर मासूम जनसुराज को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया. बच्चे के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली। वहीं आरोपी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाए जाने के दौरान एक महिला ने गुस्से में चप्पल से उसकी पिटाई कर दी. पुलिस ने तत्काल बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया.