मुंगेर इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रसाद खाने के बाद 24 छात्राएं बीमार, फूड प्वाइजनिंग की आशंका
मुंगेर के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में विश्वकर्मा पूजा का प्रसाद खाने के बाद 24 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. सभी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है.
मुंगेर(MUNGER): बिहार के मुंगेर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में विश्वकर्मा पूजा के बाद 24 छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई. पूजा का प्रसाद खाने के कुछ समय बाद छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार पड़ने से कॉलेज हॉस्टल में अफरातफरी मच गई. सभी प्रभावित छात्राओं को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है.
प्रसाद खाने के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
जानकारी के अनुसार, कॉलेज परिसर में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया था. पूजा के बाद छात्र-छात्राओं के बीच प्रसाद बांटा गया. हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने भी प्रसाद ग्रहण किया. कुछ समय बाद कई छात्राओं के पेट में दर्द और ऐंठन शुरू हो गई. इसके बाद उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं सामने आने लगीं. जब लगातार कई छात्राओं की तबीयत खराब होने लगी तो कॉलेज प्रशासन सक्रिय हुआ. बीमार छात्राओं की संख्या बढ़कर 24 तक पहुंचने के बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया.
सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती
एक साथ 24 छात्राओं के अस्पताल पहुंचने पर इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उपचार शुरू किया. ड्यूटी पर मौजूद डॉ. फैज ने छात्राओं की जांच की. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डॉ. शशांक को भी उपचार व्यवस्था में लगाया गया. छात्राओं को जरूरत के अनुसार दवाएं और सलाइन दी गईं तथा चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया. प्राथमिक उपचार के बाद सभी की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है. किसी भी छात्रा की हालत गंभीर होने की जानकारी नहीं है.
फूड प्वाइजनिंग की आशंका
विश्वकर्मा पूजा का प्रसाद खाने के बाद एक साथ इतनी छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बीमारी की वास्तविक वजह प्रसाद ही था या कोई अन्य खाद्य पदार्थ. घटना के कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित खाद्य पदार्थों की जांच के बाद ही हो सकेगी. जांच में यह भी पता लगाया जा सकता है कि प्रसाद तैयार करने, उसके भंडारण या वितरण के दौरान किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई थी या नहीं.
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी वजह
फिलहाल अस्पताल में छात्राओं के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है. घटना के बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में चिंता का माहौल है. राहत की बात यह है कि उपचार के बाद सभी 24 छात्राओं की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. अब जांच रिपोर्ट से ही छात्राओं के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.