कटिहार(KATIHAR):प्यार इश्क किया मोहब्बत दो लोगों के बीच में एक ऐसा बंधन होता है जो अगर सच्चा हो तो सात जन्मों तक साथ देता है लेकिन यही मोहब्बत समाज और परिवार को कभी कभी नागवार गुजरती है.इसके विरोध में कभी समाज खड़ा होता है तो कभी परिवार लेकिन प्यार करने वाले एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते है. आए दिन सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी खबरें सुनने और देखने को मिला मिलती है जहां परिवार वाले बेटी या बेटे के प्रेम प्रसंग से इतना ज्यादा नाराज हो जाते है कि उन्हें जान से मार देते है लेकिन आज हम जिस घटने की बात करने वाले हैं या मामले की बात करने वाले है काफ़ी अनोखा और हैरान करने वाला है.
जिंदा बेटी का पिता ने करवा दिया अंतिम संस्कार
पुरा मामला कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड अंतर्गत चंदवा पंचायत का है.जहां खुदना गांव में एक पिता ने अपनी घर से भाग गई बेटी का पूरे रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया.इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है.जानकारी के अनुसार, युवती कुछ समय पूर्व घर छोड़कर चली गई थी.परिजनों ने उसकी तलाश करते हुए रौतारा थाना में मामला भी दर्ज कराया था. बाद में लड़की बरामद हुई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसने अपने माता-पिता और परिवार को पहचानने से इनकार कर दिया.
ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी से सारे संबंध समाप्त करने का फैसला
इस घटना से आहत परिवार ने समाज और ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी से सारे संबंध समाप्त करने का फैसला लिया.परिवार वालों ने लड़की के नाम से पुतला तैयार कराया. उसे अर्थी पर लिटाकर पूरे गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई और फिर शमशान घाट ले जाकर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया. इस दौरान पिता मुनचुन पासवान, दादा राम प्रकाश पासवान और अन्य परिजनों की आंखें नम दिखीं.
उससे हमारा कोई संबंध नहीं
लड़की के पिता और दादा ने कहा कि जिस दिन से बेटी घर छोड़कर गई और बाद में हमें पहचानने से इनकार किया, उसी दिन से हमारे लिए वह मर चुकी है. अब उससे हमारा कोई संबंध नहीं है.घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे.श्राद्ध कार्यक्रम और अंतिम संस्कार में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है.