जमुई छात्रा कांड में एनकाउंटर: 120 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR, जांच तेज

जमुई नाबालिग छात्रा उत्पीड़न मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर FIR दर्ज की है. SIT मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है.

जमुई छात्रा कांड में एनकाउंटर: 120 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR, जांच तेज

जमुई (JAMUI): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके नाबालिग साथी के साथ कथित मारपीट, छेड़छाड़ और उत्पीड़न के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है. घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने और वीडियो प्रसारित करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने लोगों से वीडियो को शेयर या दोबारा पोस्ट नहीं करने की अपील भी की है.

SIT गठित, आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच

मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है.पुलिस वायरल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है. शुरुआती कार्रवाई में तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ा गया था और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही थी. 22 सितंबर को सामने आई ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मामले के प्रमुख आरोपी के रूप में पहचाने गए नंदन यादव को पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने के बाद हिरासत में लिया गया. पुलिस के अनुसार मामले की जांच और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

वीडियो शेयर करने वालों पर भी पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने साफ किया है कि नाबालिग पीड़िता का चेहरा, नाम या ऐसी कोई जानकारी प्रसारित करना जिससे उसकी पहचान सार्वजनिक हो, कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है. इसी आधार पर करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. कार्रवाई में POCSO Act, IT Act और किशोर न्याय से संबंधित कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है.

घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

जमुई की घटना को लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था और महिलाओं तथा नाबालिगों की सुरक्षा पर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है. विपक्षी नेताओं ने सरकार से जवाब मांगा है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और पुलिस से कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी है. पुलिस की अपील है कि लोग घटना से संबंधित ऐसा कोई वीडियो या सामग्री साझा न करें जिससे नाबालिग पीड़ितों की पहचान सामने आए.