प्लेटलेट का बैग गया कहां? गयाजी के ब्लड बैंक में ‘4609’ के गायब होते ही 9 कर्मचारियों से जवाब-तलब
गयाजी के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक से बी-पॉजिटिव प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने का मामला सामने आया है. इस संबंध में 9 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे मामले की जांच जारी है.
गया (GAYA) : अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) के ब्लड बैंक से प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने का मामला सामने आया है. गायब यूनिट बी-पॉजिटिव ब्लड ग्रुप की बताई जा रही है. मामला सामने आने के बाद ब्लड बैंक में तैनात कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है. फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है. जानकारी के अनुसार, प्लेटलेट की यह यूनिट 1 सितंबर की शाम और नाइट शिफ्ट के बीच गायब हुई. ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में संबंधित यूनिट का बैग नंबर 4609 और सेगमेंट नंबर 24G/516120 दर्ज बताया गया है. रिकॉर्ड की जांच के दौरान यूनिट के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया.
9 कर्मचारियों से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण
मामले को गंभीरता से लेते हुए रक्त केंद्र विभाग के चिकित्सा प्रभारी अनिल कुमार की ओर से ब्लड बैंक में कार्यरत 9 कर्मचारियों को स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है. कर्मचारियों से 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया. जांच में लापरवाही या अन्य भूमिका सामने आने पर संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जा सकती है. अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे किसी विशेष कर्मचारी को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके.
कथित बिक्री के आरोप ने बढ़ाए सवाल
इस घटना के बाद प्लेटलेट यूनिट की संभावित हेराफेरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यूनिट को किसी मरीज को कथित रूप से 10 हजार रुपये में दिए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में जांच पूरी होने से पहले इसे प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता.नियमों के तहत ब्लड बैंक में रक्त और उसके कंपोनेंट से जुड़ी प्रत्येक यूनिट का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाता है. इसमें यूनिट तैयार होने, मरीज के लिए जारी किए जाने, इश्यू के समय और जरूरत पड़ने पर उसे डिस्पोज करने तक की जानकारी दर्ज होती है.
इस मामले में संबंधित प्लेटलेट यूनिट को लेकर रिकॉर्ड स्पष्ट नहीं होने की बात सामने आने से जांच की अहमियत बढ़ गई है. अस्पताल प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यूनिट कहां गई, रिकॉर्ड में जानकारी क्यों उपलब्ध नहीं है और पूरे मामले में किसी कर्मचारी की लापरवाही या अन्य भूमिका थी या नहीं. फिलहाल जांच के निष्कर्ष का इंतजार है.