गया OTA में 253 कैडेट बने भारतीय सेना के अधिकारी, पासिंग आउट परेड में दिखा जोश

गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में आयोजित पासिंग आउट परेड में 253 अफसर कैडेटों ने अंतिम पग पार कर भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया. पी. शशि कुमार को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया.

गया OTA में 253 कैडेट बने भारतीय सेना के अधिकारी, पासिंग आउट परेड में दिखा जोश

गया (GAYA) : बिहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड के साथ 253 अफसर कैडेटों ने अपने सैन्य प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया. अनुशासन और देशभक्ति से भरे माहौल में कैडेटों ने अंतिम पग पार किया और भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हासिल किया. परेड में शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) पुरुष-65 कोर्स के 218 और शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) महिला-36 कोर्स की 35 महिला अफसर कैडेट शामिल हुईं. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये युवा अधिकारी सेना की अलग-अलग इकाइयों में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.

लेफ्टिनेंट जनरल Le Van Huong ने ली परेड की सलामी 

समारोह में वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल Le Van Huong समीक्षा अधिकारी के रूप में मौजूद रहे. उन्होंने पासिंग आउट परेड की सलामी ली और कैडेटों के अनुशासन तथा सैन्य प्रदर्शन का निरीक्षण किया. इस दौरान प्रशिक्षण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले कैडेटों को सम्मानित भी किया गया.

पी. शशि कुमार को मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

अकादमी अंडर अफसर पी. शशि कुमार के लिए यह समारोह विशेष उपलब्धि लेकर आया. प्रशिक्षण के दौरान शानदार ऑल राउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया. ओवरऑल ऑर्डर ऑफ मेरिट में पहला स्थान हासिल करने पर उन्हें स्वर्ण पदक भी मिला. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शशि कुमार को गोरखा राइफल्स में कमीशन मिला है. मेरिट सूची में दूसरे स्थान पर रहे दीपक सिंह रावत को राजपूत रेजिमेंट में कमीशन मिला. वहीं तीसरा स्थान हासिल करने वाले नवनीत सिंह को पैरा स्पेशल फोर्सेस में कमीशन प्राप्त हुआ.

पिपिंग सेरेमनी में भावुक हुए परिजन 

पासिंग आउट परेड के बाद आयोजित पिपिंग सेरेमनी समारोह का सबसे भावुक पल रहा. माता-पिता और परिजनों ने जब नए अधिकारियों के कंधों पर सितारे सजाए तो उनके चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दी. कई परिवारों की आंखें इस ऐतिहासिक क्षण में नम हो गईं. कंधों पर सितारे सजने के साथ ही 253 युवा अधिकारियों ने भारतीय सेना में राष्ट्रसेवा की नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में कदम बढ़ाया. वर्षों की मेहनत, कठिन सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के बाद पासिंग आउट परेड उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत बनी.