नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ी चिंता, गंडक-कोसी समेत कई नदियों पर निगरानी तेज

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. गंडक और कोसी समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है.

नेपाल की बाढ़ से बिहार में बढ़ी चिंता, गंडक-कोसी समेत कई नदियों पर निगरानी तेज

Bihar News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर बिहार के लिए भी चिंता बढ़ा रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण बड़ी मात्रा में पानी के साथ मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबा नदियों के रास्ते मैदानी इलाकों की ओर पहुंच रहा है. नेपाल से बिहार में प्रवेश करने वाली नदियों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सीमावर्ती और नदी किनारे के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है.

गंडक और कोसी के बहाव पर प्रशासन की नजर 

नेपाल के पहाड़ों से आने वाले तेज पानी का असर गंडक नदी के प्रवाह पर पड़ सकता है. इसी कारण वाल्मीकिनगर बराज और आसपास के क्षेत्रों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. गंडक के अलावा कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा सहित दूसरी प्रमुख नदियों के जलस्तर की भी नियमित निगरानी की जा रही है. जिन इलाकों में पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है, वहां स्थानीय प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है.

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर चौकसी तेज 

संभावित बाढ़ और तेज बहाव से तटबंधों पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रही हैं. तटबंध में कटाव, रिसाव या किसी तरह की कमजोरी मिलने पर तुरंत कदम उठाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं.नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधान रहने की अपील की गई है. प्रशासन ने लोगों को तेज बहाव वाली नदियों के करीब नहीं जाने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है.

छह जिलों में विशेष सतर्कता 

नेपाल से आने वाले पानी के संभावित असर को देखते हुए पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. संवेदनशील क्षेत्रों में आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर भी जोर दिया गया है.स्थिति गंभीर होने पर निचले और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है. आपदा से निपटने के लिए राहत और बचाव से जुड़ी टीमों को भी तैयार रखा जा रहा है. फिलहाल प्रशासन नदियों के जलस्तर, बहाव और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.