बिना पैसा नहीं होगा...मोतिहारी के पंचायत भवन में हर काम के लिए लगते हैं पैसे, लोगों ने उठाए कार्यशैली पर सवाल
मोतिहारी में आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर ₹300 लेने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है. स्थानीय लोगों ने पंचायत कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बिना पैसे काम नहीं होने का आरोप लगाया है. हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है.
टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बिहार सरकार की ओर से बिहारवासियों के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि वहां के लोगों को हर सुविधा मुहैया कराई जा सके और उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो. लेकिन सरकार की इस मुहिम में बिहार के सरकारी कर्मचारी और अधिकारी ही बाधा बन रहे हैं, जहां छोटी-छोटी चीजों के लिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं. जो सुविधाएं सरकार की ओर से लोगों के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन ये अधिकारी और कर्मचारी अपने पैसे की लालच में आम लोगों से घूस लेते नहीं पीछे हट रहे हैं. आए दिन सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होते रहते हैं और उन पर सरकार की ओर से या प्रशासन की ओर से कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन ये सुधरने का नाम नहीं लेते हैं. एक बार फिर बिहार के मोतिहारी जिले से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लोगों से तीन-तीन सौ रुपये वसूले जा रहे हैं.
वीडियो वायरल पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें साफ तौर पर एक महिला दस्तावेज बनाने की बात कर रही है. दावा किया जा रहा है कि महिला ने इस काम के बदले में कुल 300 दिए थे, जो उसने घूस के तौर पर मांगे थे. वीडियो में महिला अपने बैग से 200 निकालकर देते हुए दिखाई दे रही है, जबकि 100 उसने फोन के माध्यम से पहले भेज दिया था. अब इसको लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि RTPS यानी लोक सेवाओं की व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाना और प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है, लेकिन लोगों से इस काम के लिए पैसे भी मांगे जा रहे हैं. जो लोग पैसे नहीं देते हैं, उन्हें बार-बार चक्कर लगाया जाता है, जिसके डर से लोग पैसे देने के लिए मजबूर हो जाते हैं.
वायरल वीडियो की पुष्टि हम नहीं करते हैं
हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि हम नहीं करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर कई बड़े सवाल खड़े करता है. आम लोगों का आरोप है कि बिना पैसे के नगर पंचायत कार्यालय में एक भी काम नहीं किया जाता है. आम लोग अगर बिना पैसे के काम करवाएं तो उनके लिए बहुत बड़ी मुश्किल हो जाती है. वहीं, इस मामले को लेकर वार्ड पार्षद ने भी नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि पंचायत कार्यालय में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया है. स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि वायरल वीडियो की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी परेशान ना हो.वहीं, स्थानीय लोगों में वायरल वीडियो को लेकर काफी ज्यादा गुस्सा भी है, जहां लोगों का कहना है कि सरकार जब मुफ्त में हर सुविधा मुहैया करा रही है तो ये कर्मचारी और अधिकारी बीच में ऐसी हरकत क्यों कर रहे हैं.