हेलो माँ, बचा लो नहीं तो... मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है..... मां से बात कर बिलख पड़ी बेटी

“हेलो मां, मुझे बचा लो, नहीं तो मर जाऊंगी. मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है.” कोलकाता से बेटी की यह दर्दभरी पुकार सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई. जिस बेटी के सुरक्षित होने की उम्मीद में परिवार जी रहा था, उसकी जिंदगी खतरे में थी.

हेलो माँ, बचा लो नहीं तो... मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है..... मां से बात कर बिलख पड़ी बेटी

मोतिहारी (MOTIHARI): “हेलो मां, मुझे बचा लो, नहीं तो मर जाऊंगी. मुझे रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया है.” कोलकाता से बेटी की यह दर्दभरी पुकार सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई. जिस बेटी के सुरक्षित होने की उम्मीद में परिवार जी रहा था, उसकी जिंदगी खतरे में थी. मां ने बिना देर किए केसरिया थाने पहुंचकर पुलिस से बेटी को बचाने की गुहार लगाई. इसके बाद पूर्वी चंपारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलकाता के रेड लाइट एरिया से युवती को सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस ने इस मामले में युवती के कथित प्रेमी रोहित कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर युवती को घर से भगाया और फिर 2 लाख 30 हजार रुपये में बेच दिया.

मां की शिकायत पर पुलिस ने बनाई विशेष टीम
पूरा मामला पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, युवती का मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के शाहपुरपट्टी निवासी रोहित कुमार के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों शादी करना चाहते थे. युवती और रोहित के बालिग होने के कारण उनके घर से चले जाने के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. हालांकि, कुछ ही समय बाद युवती के साथ ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया.

बेटी का फोन आने के बाद उसकी मां बदहवास हालत में केसरिया थाने पहुंची और थानाध्यक्ष राहुल कुमार को पूरी जानकारी दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को इसकी सूचना दी. इसके बाद अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम युवती की मां को साथ लेकर कोलकाता रवाना हुई. पुलिस ने युवती के फोन नंबर से मिले लोकेशन संबंधी डेटा के आधार पर उसकी तलाश शुरू की.

रेड लाइट एरिया में ग्राहक बनकर पहुंचा पुलिस अधिकारी
कोलकाता के रेड लाइट एरिया में भीड़ के बीच युवती की पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी. ऐसे में पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की. जानकारी के अनुसार, केसरिया के अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू ग्राहक बनकर रेड लाइट एरिया पहुंचे. वहां उन्होंने संदिग्ध स्थान की पहचान की और इशारों के जरिए युवती की पहचान सुनिश्चित की. इसके बाद पुलिस टीम स्थानीय पोशीपारा थाने पहुंची और वहां की पुलिस के सहयोग से संयुक्त छापेमारी की.

कार्रवाई के दौरान युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया. इसके बाद स्थानीय थाने में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. पुलिस युवती को लेकर मोतिहारी लौटी, जहां उसे सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया गया. फिलहाल युवती का मेडिकल परीक्षण और काउंसलिंग कराई जा रही है, ताकि घटना के बाद उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का आकलन किया जा सके.

शादी का भरोसा देकर रेलवे स्टेशन पर बुलाया
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी रोहित कुमार ने बताया कि उसकी बहन का ससुराल युवती के गांव में है और इसी वजह से उसकी मुलाकात युवती से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम प्रसंग शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच करीब तीन महीने से प्रेम संबंध था, जबकि आरोपी ने मुलाकात एक साल पहले होने की बात कही है.

आरोप है कि रोहित ने युवती को शादी करने का भरोसा देकर घर से निकलने के लिए तैयार किया. इसके बाद उसे रेलवे स्टेशन पर बुलाया, जहां उसके दो साथी पहले से मौजूद थे. युवती को आरोपियों के साथ कोलकाता भेज दिया गया, जबकि रोहित ने खुद भी पीछे से पहुंचने का भरोसा दिया. युवती को बाद में कथित तौर पर 2 लाख 30 हजार रुपये में रेड लाइट एरिया में बेच दिया गया. इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए.

मानव तस्करी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोहित ने अपने तीन अन्य कथित साथियों के नाम बताए हैं. इनमें मुजफ्फरपुर के पंकज और प्रिंस तथा पूर्णिया की सोनी नाम की एक महिला शामिल हैं. पुलिस को संदेह है कि महिला कथित तौर पर युवती को बेचने के सौदे में अहम भूमिका निभा सकती है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस को आशंका है कि इस मामले के तार मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस युवती को सुरक्षित बरामद करने के बाद पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी है. इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष राहुल कुमार, अपर थानाध्यक्ष राजकुमार राजू, अनुसंधानकर्ता एसआई मनोज ठाकुर, एसआई कोमल कुमारी और पुलिस बल के अन्य जवानों की भूमिका रही.