आय से अधिक संपत्ति मामले में BDO पर EOU का शिकंजा, कई ठिकानों पर एक साथ रेड

दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के BDO आनंद कुमार विभूति से जुड़े ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की है. टीम आवास और कार्यालयों में दस्तावेजों व संपत्ति से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है.

आय से अधिक संपत्ति मामले में BDO पर EOU का शिकंजा, कई ठिकानों पर एक साथ रेड

दरभंगा(DARBHANGA): आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बहादुरपुर प्रखंड के BDO आनंद कुमार विभूति से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है. यह कार्रवाई कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की जा रही है. जांच टीम अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है. जानकारी के अनुसार, बहादुरपुर में BDO के किराए के आवास और कार्यालय के साथ अन्य संबंधित ठिकानों पर भी टीम जांच कर रही है. अलग-अलग जगहों पर एक साथ कार्रवाई किए जाने के कारण स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है.

जनकपुरी स्थित आवास पर जांच

बहादुरपुर के जनकपुरी मोहल्ले में स्थित BDO के आवास पर EOU के अधिकारी जांच में जुटे हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान आनंद कुमार विभूति आवास पर मौजूद नहीं थे. वहीं उनकी पत्नी से जांच टीम द्वारा मामले से संबंधित जानकारी ली जा रही है. टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी में किसी तरह की नकदी, आभूषण, संपत्ति के कागजात या अन्य सामग्री बरामद हुई है या नहीं.

विभागीय शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी शिकायत सामने आने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने मामले में कार्रवाई की है. विभागीय शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है. EOU की टीम संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन कर रही है. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अधिकारी की घोषित आय और उनके नाम या परिवार से जुड़ी संपत्तियों के बीच किसी प्रकार की असंगति है या नहीं.

कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी

फिलहाल संबंधित ठिकानों पर EOU की जांच जारी है. ऐसे में बरामदगी या संपत्ति के मूल्य को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. छापेमारी पूरी होने और आर्थिक अपराध इकाई की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच में क्या-क्या सामने आया है और मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.