सारण में बाढ़ का कहर: दहा नदी का बांध टूटने से 200 घर घिरे, छतों पर शरण लेने को मजबूर परिवार

बिहार के सारण में दहा नदी का बांध टूटने से इमादपुर बिंटोलिया गांव में बाढ़ का पानी घुस गया. करीब 200 घर पानी से घिर गए और कई परिवारों ने छतों पर शरण ली है. करीब 300 बीघा फसल भी डूब गई है.

सारण में बाढ़ का कहर: दहा नदी का बांध टूटने से 200 घर घिरे, छतों पर शरण लेने को मजबूर परिवार

छपरा (CHAPRA): बिहार के सारण जिले में बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. दाउदपुर इलाके में रविवार सुबह दहा नदी का बांध टूटने से इमादपुर बिंटोलिया गांव में तेजी से पानी घुस गया. देखते ही देखते करीब 200 घर बाढ़ के पानी से घिर गए. कई घरों के अंदर पानी पहुंचने के बाद लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा. कुछ परिवारों ने अपने घरों की छतों पर शरण ली है.

बाढ़ के बीच कई लोग अपने मवेशियों के साथ फंसे हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि दहा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे आसपास के निचले इलाकों में भी पानी फैलने का खतरा बना हुआ है.

300 बीघा फसल डूबी, मौके पर पहुंचे अधिकारी

बांध टूटने से करीब 300 बीघा खेत पानी में डूब गए हैं. इससे किसानों को बड़े नुकसान की आशंका है. ग्रामीणों का कहना है कि इसी जगह पर पहले भी बांध टूट चुका है. लोगों ने प्रशासन से जल्द बांध की मरम्मत कराने और जमा पानी निकालने की मांग की है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीपीओ-दो प्रेमचंद्र सिंह और मांझी सीओ रोहित कुमार अग्रवाल मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है.

चेफुल पंचायत के उड़ियानपुर में भी शनिवार रात बांध टूटने की सूचना है. यहां मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है.

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए हैं. यहां लोगों की जांच के साथ दवाएं दी जा रही हैं. पशुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाकर उनके लिए चारा और इलाज की व्यवस्था की गई है.

जिला प्रशासन के मुताबिक, बांध टूटने के बाद कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. खेती को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है. जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें बांध की मरम्मत और पानी को रोकने के काम में जुटी हैं.