बिहार को मिलेगी 150 KM नई सड़क! केंद्र की मंजूरी का इंतजार, जानिए कहां से गुजरेगा राम-जानकी पथ
बिहार में राम-जानकी पथ परियोजना के तीसरे और चौथे चरण की DPR तैयार हो गई है. दोनों चरणों में करीब 150 किलोमीटर सड़क के निर्माण पर लगभग 8,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
पटना (PATNA) : बिहार की महत्वपूर्ण राम-जानकी पथ परियोजना के अंतिम दो चरणों को लेकर बड़ी प्रगति हुई है. तीसरे और चौथे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार कर ली गई है. अब इसे केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण सहित निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इन दोनों चरणों के तहत लगभग 150 किलोमीटर सड़क बनाने का प्रस्ताव है. परियोजना पर करीब 8,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है.
240 किलोमीटर लंबा होगा पूरा कॉरिडोर
राम-जानकी पथ की कुल लंबाई करीब 240 किलोमीटर प्रस्तावित है. यह मार्ग उत्तर प्रदेश के मेहरौना घाट से शुरू होकर बिहार होते हुए नेपाल सीमा के भिट्ठा मोड़ तक पहुंचेगा. शुरुआती दो चरणों में करीब 90 किलोमीटर हिस्से पर काम आगे बढ़ चुका है.पूरा कॉरिडोर तैयार होने से अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है. धार्मिक महत्व के कारण यह मार्ग पर्यटन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है.
मशरख से शिवहर तक 76 KM सड़क
तीसरे पैकेज में मशरख से शिवहर तक करीब 76 किलोमीटर लंबी सड़क प्रस्तावित है. इसके निर्माण पर लगभग 5,100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. चौथे चरण में शिवहर से नेपाल सीमा की ओर लगभग 74 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी. इस हिस्से की अनुमानित लागत करीब 3,100 करोड़ रुपये है.परियोजना के तीसरे और चौथे चरण का मार्ग कुल 107 गांवों से होकर गुजरेगा. इसमें पूर्वी चंपारण के 48, सीतामढ़ी के 31, गोपालगंज के 13, सारण के 10 और शिवहर के 5 गांव शामिल हैं. सड़क के लिए आवश्यक जमीन की पहचान की जा चुकी है. केंद्र से DPR को हरी झंडी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा
राम-जानकी पथ के पूरा होने से भगवान राम की नगरी अयोध्या और माता जानकी से जुड़े सीतामढ़ी के बीच यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ आसपास के जिलों में व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है.बिहार सरकार इस कॉरिडोर को अपनी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल कर इसे तेजी से आगे बढ़ाने पर काम कर रही है.