बिहार: बेढ़ना कांड के मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे अनंत सिंह, आर्थिक मदद का दिया भरोसा
बेढ़ना कांड: मृतकों के घर पहुंचे अनंत सिंह, आर्थिक मदद का भरोसा; पुलिस जांच में नए नाम सामने आए.
बेढ़ना कांड: मृतकों के घर पहुंचे अनंत सिंह, आर्थिक मदद का भरोसा; पुलिस जांच में नए नाम सामने आए.
बाढ़ (BARH): बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव में हुई घटना के बाद मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है. जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें आर्थिक सहायता देने के साथ न्याय दिलाने का भरोसा भी दे रहे हैं. इसी क्रम में मोकामा विधायक अनंत सिंह बेढ़ना गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिवार को 25-25 रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ भविष्य में भी मदद करने का आश्वासन दिया.
वहीं, स्थानीय बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह को सोमवार को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. वह उमानाथ सती स्थान पर मृतक परिवारों से मिलने पहुंचे थे. स्थानीय लोगों का आरोप था कि घटना के समय विधायक बाढ़ में मौजूद थे, लेकिन मृतकों के घर जाने के बजाय करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित परिवारों से मिलने 24 घंटे बाद पहुंचे. इसी नाराजगी में लोगों ने उनका विरोध किया और कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया. इसके बाद विधायक वहां से चले गए.
मंगलवार को बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू भी मृतकों के परिवार से मिलने पहुंचे. इसके बाद बख्तियारपुर के लोजपा विधायक अरुण कुमार शाह ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया. इस दौरान मृतक पंकज की भतीजी अनु कुमारी भावुक होकर विधायक के सामने रो पड़ी.
अनु ने दावा किया कि वर्ष 2009 में उसके पिता की भी हत्या हुई थी और शव को बोरे में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया गया था. उसके अनुसार, आगामी 5 तारीख को पंकज को उस पुराने मामले में गवाही देनी थी. परिवार का आरोप है कि पंकज पर केस में समझौता करने का दबाव और धमकियां दी जा रही थीं. अनु ने आशंका जताई कि गवाही से पहले साजिश के तहत उनकी हत्या की गई.
इधर, पुलिस जांच में एक और कार्रवाई की जानकारी सामने आई है. पुलिस की गिरफ्त में आए पांचवें युवक की निशानदेही पर एक दवा कारोबारी और एक कथित शराब कारोबारी को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है.
घटना में शराब की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि शराब मौके तक कैसे पहुंची और इसे किसने उपलब्ध कराया. मामले की जांच के बीच पुलिस की कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज है.