लोग तुम्हें पापी राजा कहेंगे! भरत तिवारी एनकाउंटर पर भड़के अनिरुद्ध आचार्य, सरकार और पुलिस पर कह दी ये बात

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य का बयान चर्चा में है उन्होंने सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शरण में आए व्यक्ति को मारना पाप है.वहीं, मामले की जांच जारी है और परिजनों ने एनकाउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किए है.

लोग तुम्हें पापी राजा कहेंगे! भरत तिवारी एनकाउंटर पर भड़के अनिरुद्ध आचार्य, सरकार और पुलिस पर कह दी ये बात

टीएनपी डेस्क (TNP DESK):बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी नाम के सामाजिक कार्यकर्ता के एनकाउंटर ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है. वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि भारत भूषण ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिया था, ताकि उनका एनकाउंटर न हो, लेकिन फिर भी पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया.अब हर तरफ बिहार पुलिस और बिहार सरकार पर सवाल उठ रहे है.वहीं, इस बीच कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य ने भी बिहार पुलिस और बिहार सरकार को चारों तरफ से घेरा है उन्होंने कहा है कि शरण में आए हुए को मारना बड़ा पाप है. आजकल सरकार वोट लेने के समय जनता के आगे झुकती है, वहीं जब जीत जाती है तो लोगों को मरवाना शुरू कर देती है.

 एनकाउंटर पर भड़के अनिरुद्ध आचार्य

आचार्य अनिरुद्ध आचार्य ने इस एनकाउंटर की खूब आलोचना की है. उन्होंने कहा कि जो भी शरण में आता है, उसे कभी मारना नहीं चाहिए. बिहार सरकार का यह रवैया बिल्कुल गलत है. किसी की हत्या करना राजा के लिए पाप है. जनता उन्हें पापी राजा कहेगी. आचार्य जी ने कहा कि एक तरफ तो सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती, वहीं जब उसे पूरा करवाने के लिए भरत तिवारी जैसे लोग खड़े होते है और बंदूक उठाते है, तो उन्हें मरवा दिया जाता है. भारत भूषण तिवारी ने किसी की हत्या के लिए बंदूक नहीं उठाई थी, उन्होंने समाज सेवा के लिए हथियार उठाया था.भाई, जब सरकार नहीं सुनेगी तो किसी न किसी को तो खड़ा होना पड़ेगा. देशहित के लिए खड़े होने वाले को मारना कहीं से भी सही नहीं है.

 सरकार और पुलिस पर कह दी ये बात

आचार्य अनिरुद्ध आचार्य ने कहा कि अगर कोई हत्यारा है तो उसे मार डालिए, इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर कोई देशहित में, गांव और समाज की भलाई के लिए खड़ा हो रहा है, तो ऐसे लोगों को गोली मारना बहुत बड़ा पाप है. सिस्टम पूरी तरह से खराब हो चुका है. नेताओं को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि जनता उन्हें वोट देकर चुनाव जिताती है, इसलिए अपने वादे जरूर पूरे करें. इस तरह निर्दोष लोगों को, जो समाज के लिए खड़े होते हैं, मारना बहुत बड़ा पाप है उन्होंने सीधे तौर पर सरकार को घेरा और कहा कि वोट लेने के बाद नेता जनता को मरवाना शुरू कर देते है. तुम्हारी पुलिस कैसी है? इसलिए कहता हूं कि पुलिस को थोड़े संस्कार भी सिखाइए. रामचरितमानस में भी कहा गया है कि शरण में आए हुए व्यक्ति को मारना पाप है.

किसी भी निर्दोश की हत्या गलत बात है

आपको बता दें कि भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के जवनिया गांव और उसके आसपास के गांव बाढ़ से डूब जाते थे, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी होती थी.इस्के खिलाफ भारत तिवारी नाम के एक युवा ने लोगों की भलाई के लिए सिस्टम से लड़ना शुरू किया और कटाव रोकने की मांग की. वह लगातार अधिकारियों से मिलते थे और गांव के लोगों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करते थे. वह चाहते थे कि सरकार की मदद से लोगों को राहत मिले, लेकिन इस तरह उनका एनकाउंटर करना कहीं से भी सही नहीं है.

17 जून को हुआ मुठभेड़

आपको बता दें कि 17 जून को पुलिस भरत की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी. पुलिस ने उसके घर को चारों तरफ से घेर लिया.भरत छत पर चढ़ गया और फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन थोड़ी देर बाद पुलिस पीछे हट गई. इसके बाद भारत घर से बाहर निकला तो पुलिस ने उसे घेर लिया.एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया गंभीर रूप से घायल भारत को पीएमसीएच ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक भारत को पांच गोलियां मारी गई थीं. उनके प्राइवेट पार्ट में भी गोली मारी गई थी.इस एनकाउंटर को लोगों ने पूरी तरह से फर्जी बताया है और पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए है. फिलहाल मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है