भागलपुर के नवगछिया में आफत की बारिश! ब्रह्मोत्तर बांध का 10 मीटर हिस्सा टूटा, बचाव कार्य तेज
भागलपुर के नवगछिया स्थित गोपालपुर में देर रात आंधी-बारिश के बाद ब्रह्मोत्तर बांध का करीब 10 मीटर हिस्सा टूट गया. प्रशासन ने प्रभावित हिस्से पर बचाव और मरम्मत कार्य तेज कर दिया है. चार दिन पहले भी इसी तटबंध पर रिसाव की सूचना सामने आई थी.
भागलपुर (BHAGALPUR): बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र से तटबंध क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है. गोपालपुर में ब्रह्मोत्तर बांध का करीब 10 मीटर हिस्सा टूट गया है. बताया जा रहा है कि इलाके में आई तेज आंधी और बारिश के बाद तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ. घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से बचाव एवं मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया है.
चार दिन पहले भी सामने आया था रिसाव
ब्रह्मोत्तर बांध की स्थिति को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि करीब चार दिन पहले इसी तटबंध पर रिसाव की समस्या सामने आई थी. उस समय बांध से पानी के रिसाव की जानकारी मिलने के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही थी. अब आंधी और बारिश के बाद करीब 10 मीटर हिस्सा टूटने से तटबंध की मजबूती को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है.
मरम्मत और बचाव कार्य में जुटी टीम
तटबंध टूटने की सूचना के बाद प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. प्राथमिकता यह है कि क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द नियंत्रित किया जाए, ताकि टूटे हुए भाग का दायरा आगे न बढ़े. बांध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील हिस्सों को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. ब्रह्मोत्तर बांध गोपालपुर क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में यदि तटबंध का क्षतिग्रस्त हिस्सा और बढ़ता है तो आसपास के इलाकों में पानी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है. इससे गोपालपुर की बड़ी आबादी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति चिंता का कारण बन सकती है.
बारिश के बीच तटबंध की सुरक्षा बनी चुनौती
लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने तटबंध को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है. फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से पर मरम्मत और बचाव कार्य जारी है. स्थानीय लोगों की नजर भी बांध की स्थिति पर बनी हुई है. आने वाले समय में बारिश और पानी के दबाव को देखते हुए तटबंध के अन्य संवेदनशील हिस्सों की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी.