भागलपुर में देर रात टूटा राघोपुर-नरकटिया तटबंध, आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा

भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल में महादेवपुर घाट के पास राघोपुर-नरकटिया तटबंध में देर रात करीब 60 मीटर कटाव हुआ. गंगा का पानी आसपास फैलने के बीच जल संसाधन विभाग की टीम मरम्मत और बचाव कार्य में जुटी है.

भागलपुर में देर रात टूटा राघोपुर-नरकटिया तटबंध, आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा

भागलपुर (BHAGALPUR) : गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में राघोपुर-बहत्रा के समीप तटबंध में बड़ा कटाव सामने आया है. महादेवपुर घाट के पास देर रात करीब तीन बजे तटबंध का लगभग 60 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. इसके बाद गंगा का पानी आसपास के निचले इलाकों की ओर फैलने लगा, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई. घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस बल को भी तैनात किया गया है. प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने के साथ पानी के दबाव को नियंत्रित करने के प्रयास लगातार जारी हैं.

कटाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम

तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए जल संसाधन विभाग की टीम लगातार काम कर रही है. कटाव को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सैंडबैग, एनसी बैग, बॉम्बे रोल और झाड़ियों समेत विभिन्न सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण तटबंध पर लगातार दबाव बना हुआ है. यही वजह है कि विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में चौबीस घंटे निगरानी की व्यवस्था की है. इंजीनियर और अन्य कर्मचारी मौके पर स्थिति का आकलन करने के साथ आवश्यक सुरक्षा उपाय कर रहे हैं.

मंत्रियों के गृह क्षेत्र से जुड़ा इलाका

राघोपुर क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक घर बताया जाता है. वहीं पथ निर्माण विभाग के मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र का घर भी बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में है. ऐसे में तटबंध में कटाव की घटना ने प्रशासनिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है.

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर

फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता तटबंध के कटाव को नियंत्रित करना और पानी को नए क्षेत्रों में फैलने से रोकना है. प्रभावित हिस्से पर लगातार सामग्री डाली जा रही है और स्थिति की निगरानी की जा रही है. गंगा के जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव को देखते हुए विभागीय टीम को सतर्क रखा गया है. आसपास के इलाकों में पानी की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षा और बचाव के कदम उठाए जा सकें.