भागलपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई! 2 करोड़ रुपये के स्मैक के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार
भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के बाबू टोला में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किलो स्मैक बरामद किया है. बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस मामले में 2 आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर 2 लोगों को गिरफ्तार की है.
भागलपुर (BHAGALPUR): जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के बाबू टोला में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किलो स्मैक बरामद किया है. बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस मामले में पुलिस ने अमलेश यादव और काजल देवी को गिरफ्तार किया है. मामले को लेकर सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि नाथनगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबू टोला में अमलेश यादव अपने घर में परिवार के साथ मिलकर अवैध मादक पदार्थ का संग्रह और खरीद-बिक्री कर रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित घर में छापेमारी की इस दौरान पुलिस ने एक किलो स्मैक बरामद किया और मौके से अमलेश यादव तथा काजल देवी को गिरफ्तार कर लिया सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये है.फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
दरअसल, मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि नाथनगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबू टोला निवासी अमलेश यादव अपने घर में परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर मादक पदार्थों का अवैध भंडारण और खरीद-बिक्री कर रहा है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले इसकी पुष्टि की और फिर एक टीम गठित कर संबंधित घर में छापेमारी की. तलाशी के दौरान पुलिस को एक किलो स्मैक मिला. इसके बाद मौके से अमलेश यादव और काजल देवी को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को जब्त करते हुए मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है.
सिटी एसपी अतुलेश झा के मुताबिक, बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है. उन्होंने बताया कि भागलपुर जिले में अब तक इतनी बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ की बरामदगी सामने नहीं आई थी. इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्मैक कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी. जांच के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा सकती है.