भागलपुर में जहाज के शौचालय में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात ने तोड़ा दम
भागलपुर में विक्रमशिला पुल का स्लैब टूटने के बाद से लोगों की आवाजाही का एकमात्र साधन जहाज और नाव है। इस वजह से बीमार लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। महिला ने जहाज पर ही बच्चे को जन्म दिया जिसने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया
भागलपुर: बीते मई को भागलपुर का विक्रमशिला पुल का एक स्लैब टूट कर गिर गया जिसके बाद उसका पूरे बिहार से संपर्क लगभग टूट ही गया. इस पुल के टूटने के बाद सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनका आना जाना नौकरी, इलाज या रोजमर्रा के समान के लिए भागलपुर होता है. विक्रमशिला पुल टूटने और गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन की मदद से पुल की अस्थाई तौर पर बेली ब्रिज का निर्माण तो करवाई लेकिन जलस्तर सामान्य होने के साथ ही अब उसे खोल दिया गया है जिसकी वजह से एक बार फिर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि आवागमन के लिए प्रशासन ने नदी में नाव और जहाज की व्यवस्था की है लेकिन अब यह बीमार लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगा है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से एक नवजात ने जन्म के महज कुछ ही समय बाद दम तोड़ दिया.
महिला ने जहाज पर दिया बच्चे को जन्म
परबत्ता निवासी शाम कुमार साहू की पत्नी सुषमा कुमारी को गुरुवार की शाम लेबर पेन शुरू हुआ जिसके बाद परिजन उन्हें भागलपुर के अस्पताल ले जाने के लिए निकले. बीच में नदी पार करते वक्त महिला को जहाज पर एक बार फिर से दर्द शुरू हुआ जिसके बाद उन्हें शौचालय में ले जाया गया. परिजन, जहाज पर सवार कुछ सवारी और क्रू मेंबर की मदद से महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन उसकी स्थिति खराब थी. जहाज भागलपुर के बियाडा घाट पर पहुंचने के बाद वहां कैंप में मौजूद डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक इलाज कर जेएलएनएमसीएच भेज दिया जहां इलाज के दौरान बच्चे की जान चली गई. हालांकि प्रसूता की हालत ठीक बताई जा रही है.
जन्म के समय ही बच्चे की हालत थी नाजुक
बियाडा घाट पर बने मेडिकल कैंप में तैनात चिकित्सक डॉ रौशनी कुमारी ने बताया कि मैने जहाज पर जा कर उनकी जाँच की. बच्चे की हालत काफी नाजुक थीं. ऐसा प्रतीत होता है कि समय से पहले बच्चे का जन्म हो गया था. वहीं मायागंज अस्पताल में तैनात स्त्री रोग एवं प्रसव विभाग की हेल्थ मैनेजर आभा कुमारी ने बताया कि बच्चे को इलाज के दौरान बचाया नहीं जा सका. महिला की हालत ठीक है और उसका इलाज जारी है.
एक दिन पहले एम्बुलेंस में महिला ने दिया था बच्चे को जन्म
घटना को लेकर जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है और यह जांच शुरु कर दी है कि बियाडा घाट पर महिला को मेडिकल सुविधा दी गई थी या नहीं. वहीं बताया जा रहा है कि एक दिन पहले भी एक महिला ने एम्बुलेंस में बच्चे को जन्म दिया था. उक्त गर्भवती महिला बियाडा घाट पर प्रसव पीड़ा के साथ उतरी थी जिसे मेडिकल कैंप में इलाज के बाद एंबुलेंस से मायागंज अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में ही उसने एम्बुलेंस में बच्चे को जन्म दे दिया.