भागलपुर(Bhagalpur): श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले रास्ते पर इन दिनों भोलेनाथ के भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. कोई सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर बाबा के दर्शन करने जा रहा है, तो कोई अपनी खास कांवड़ से लोगों का ध्यान खींच रहा है. इसी बीच पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए कांवड़ियों की एक टोली चर्चा में है. इस टोली के पास करीब 150 किलो वजन की 'महाकाल कांवड़' है, जिसे देखकर रास्ते में लोग रुक जा रहे हैं.
कोलकाता से आए इस ग्रुप में करीब 50 से 60 श्रद्धालु शामिल हैं. सभी मिलकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर पैदल बढ़ रहे हैं. उनकी कांवड़ को भगवान भोलेनाथ के महाकाल स्वरूप में सजाया गया है. कांवड़ पर कई धार्मिक चिन्ह और सजावट भी की गई है, जो दूर से ही लोगों का ध्यान खींच रही है.
बारी-बारी से कंधे पर उठा रहे 150 किलो की कांवड़
कांवड़ का वजन करीब 150 किलो होने के कारण इसे किसी एक व्यक्ति के लिए लंबे समय तक उठाना आसान नहीं है. इसलिए टोली में शामिल श्रद्धालु बारी-बारी से इसे अपने कंधों पर उठा रहे हैं. एक श्रद्धालु के थकने के बाद दूसरा उसकी जगह लेता है और यात्रा आगे बढ़ती रहती है.
कच्ची कांवड़िया पथ पर जब यह टोली पहुंची तो महाकाल कांवड़ को देखने के लिए दूसरे कांवड़ियों के साथ स्थानीय लोगों की भीड़ भी जुट गई. कई लोग इसकी सजावट को देखते नजर आए.
यात्रा के दौरान श्रद्धालु लगातार 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं. करीब 60 लोगों की यह टोली इसी तरह 150 किलो की कांवड़ को संभालते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रही है.
