केस खत्म कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे दारोगाजी, लेकिन निगरानी विभाग ने रंगेहाथ कर लिया गिरफ्तार
नरकटियागंज में केस खत्म कराने के नाम पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेते शिकारपुर थाना के ASI उपेंद्र विद्यार्थी को निगरानी विभाग ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की.
बेतिया(BETTIAH): पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है.जहां शिकारपुर थाना में तैनात एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. एएसआई पर विद्युत चोरी के मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है. निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.दरअसल, नरकटियागंज के हरदी टेढ़ा निवासी अमृत कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता के खिलाफ विद्युत चोरी से जुड़ा एक मुकदमा दर्ज था. इसी मामले में मदद करने और केस खत्म कराने के नाम पर शिकारपुर थाना के एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी द्वारा चार हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी.
जाल बीछाकर किया गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपी एएसआई को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया. सोमवार को शिकायतकर्ता अमृत कुमार ने निगरानी टीम को सूचना दी कि वह एएसआई को रिश्वत की रकम देने जा रहा है. इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने नरकटियागंज के हाईस्कूल चौक के आसपास अपनी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली. जैसे ही एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी ने चार हजार रुपये की रिश्वत की रकम ली, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी एएसआई को अपने साथ ले गई.पीड़ित ने बताया मेरे पिता के ऊपर एक मुकदमा था. उसको खत्म करने के लिए एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी द्वारा चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. मैंने इसकी सूचना निगरानी विभाग को दी थी. आज निगरानी विभाग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
पढ़िये निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश माधव ने क्या बताया
वहीं, निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश माधव ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया गया था. सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की और एएसआई को चार हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.फिलहाल निगरानी विभाग की टीम आरोपी एएसआई को अपने साथ ले गई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है. वहीं, निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है. फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले में आगे की कार्रवाई में जुटा है.