रात के 2 बजे दिलशाद को उठा ले गई पुलिस, अगले दिन हिरासत में हुई मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
पुलिस की कार्यशैली और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि बीती रात करीब दो बजे पुलिस दो गाड़ियों से एक युवक के घर पहुंची और उसे अपने साथ ले गई. कुछ ही घंटों बाद परिवार को फोन आया कि युवक की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल पहुंचाया गया है.
बेतिया (BETTIAH): पुलिस की कार्यशैली और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि बीती रात करीब दो बजे पुलिस दो गाड़ियों से एक युवक के घर पहुंची और उसे अपने साथ ले गई. कुछ ही घंटों बाद परिवार को फोन आया कि युवक की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल पहुंचाया गया है. लेकिन जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उनके सामने जो मंजर था, उसे देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई. युवक की मौत हो चुकी थी और उसके सिर पर गंभीर चोट थी.
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. वहीं, पुलिस का कहना है कि सहोदरा थाने दर्ज एनडीपीएस मामले में पूछताछ के लिए युवक को लाया जा रहा था, इसी दौरान वह पुलिस वाहन से कूद गया, जिससे उसके सिर में चोट लगी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. लेकिन मौत के बाद अब सवाल उठने लगें हैं कि आखिर रात में घर से पुलिस के साथ निकले युवक की कुछ ही घंटों बाद मौत कैसे हो गई और उसके सिर पर गंभीर चोट किन परिस्थितियों में लगी. दरअसल पूरा मामला जिले के बानुछापर और सहोदरा थाना से जुड़ा है. मृतक की पहचान बानुछापर थाना क्षेत्र के बड़ा टोला, वार्ड संख्या-2 निवासी अकबर अंसारी के पुत्र दिलशाद अंसारी, उम्र करीब 25 वर्ष रूप में हुई है.
मृतक के परिजनों के मुताबिक, रविवार की देर रात करीब दो बजे बानूछापर और सहोदरा थाने की पुलिस दो गाड़ियों से उनके घर पहुंची थी. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दरवाजा खुलवाया और दिलशाद के बारे में पूछताछ की. परिवार ने बताया कि वह घर में सो रहा था. इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई. ऐसे में परिजनों का कहना है कि उस समय उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी कि दिलशाद को किस मामले में और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है. उनसे बोला गया कि एक मामले में पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है, बाद में परिवार को बताया गया कि उसे एनडीपीएस के एक मामले में हिरासत में लिया गया है.
वहीं परिजनों के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे उन्हें फोन कर बताया गया कि दिलशाद की तबीयत खराब हो गई है और वे अस्पताल पहुंचें. परिवार के लोग जब अस्पताल पहुंचे, तो दिलशाद को मृत अवस्था में पाया और उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे. जिसके बाद परिजनों के होश उड़ गए. रात में घर से जीवित पुलिस के साथ गया युवक सुबह मृत मिला. घर में चीख-पुकार मच गई. पिता अकबर अंसारी और पत्नी नगमा खातून का रो-रोकर बुरा हाल है.
परिजनों का आरोप है कि दिलशाद को पुलिस अपने साथ लेकर गई थी तो उसकी मौत कैसे हो गई उसकी जांच होनी चाहिए. परिवार यह जानना चाहता है कि पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचने के बीच क्या हुआ और युवक के सिर पर गंभीर चोट कैसे लगी. इस मामले में सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब कुछ ही घंटों के भीतर परिवार को दिलशाद की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली. वहीं इस मामले में नरकटियागंज एसडीपीओ (IPS)प्रसन्ना कुमार एमबी ने बताया कि मौत की सूचना मिली है. सहोदर थाने की पुलिस एनडीपीएस कांड संख्या 65/25 में दिलशाद अंसारी को गिरफ्तार कर ला रही थी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पहले से भी उसके ऊपर कई मामले दर्ज हैं. वह अपराधी प्रवृत्ति का था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ पता चल पाएगा.
इधर सहोदरा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार के अनुसार, दिलशाद अंसारी को एनडीपीएस कांड संख्या 65/25 में पूछताछ के लिए लाया जा रहा था. इसी दौरान वह पुलिस वाहन से छलांग लगा बैठा. पुलिस के मुताबिक, इस घटना में उसके माथे पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी जीएमसीएच में भर्ती कराया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं बेतिया सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने बताया कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने गई थी. वह पुलिस गिरफ्त से भाग रहा था. इस बीच उसे चोट आ गई. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. जिसे इलाज के लिए ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई हैं.
वहीं बानुछापर थानाध्यक्ष मधु कुमारी ने बताया कि सहोदर थाना पुलिस एनडीपीएस मामले में दिलशाद अंसारी को गिरफ्तार करने आई थी. जिसमें बानुछापर थाना की पुलिस भी गई थी लेकिन फिर बानुछापर से सहोदर पुलिस उसे गिरफ्तार कर साथ लेकर चली गई. मुझे भी मौत की सूचना मिली है. फिलहाल मामले की जांच चल रही है. बेतिया पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने बताया की पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है. पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है.
फिलहाल, दिलशाद अंसारी की मौत को लेकर परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने वाहन से कूदने के बाद चोट लगने की बात कही है. पुलिस और परिजनों के बयानों में घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वरिय पुलिस पदाधिकारी की जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की सत्यता सामने आएगी. परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दिलशाद की मौत से जुड़े सवालों का जवाब परिवार को कब तक मिल पाता है. इस पूरे मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि दिलशाद अपने पीछे पत्नी और महज चार महीने की एक मासूम बेटी को छोड़ गया है. परिजनों के मुताबिक, दिलशाद की शादी 25 मार्च 2025 को हुई थी. परिवार के अनुसार, वह एक छोटी सी कंपनी में काम करता था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था.