बेगूसराय यशोदा हॉस्पिटल में महिला की मौत पर बवाल, डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप
बेगूसराय में पावर हाउस रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. मृतका के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में जुट गए, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
बेगूसराय (BEGUSARAI): बेगूसराय में पावर हाउस रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. मृतका के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल परिसर में जुट गए, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली. दरअसल पूरा मामला बेगूसराय के पावर हाउस रोड स्थित यशोदा हॉस्पिटल का है. मृतका की पहचान मधुरानी देवी के रूप में हुई है जिसकी उम्र करीब 30 वर्ष है. मृतका के पति का नाम विपिन पासवान है. वह तेघड़ा थाना के अतरवा की निवासी थी. परिजनों के अनुसार मधुरानी देवी को अपेंडिक्स के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई. देखते ही देखते अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण इकट्ठा हो गए. आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों का आरोप है कि महिला का ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किया गया था. इसके बावजूद अस्पताल के काउंटर पर 25 से 30 हजार रुपये तक जमा करवाए गए. परिजनों का कहना है कि पांच बच्चों की मां मधुरानी देवी की मौत से पूरा परिवार उजड़ गया है. परिवार के सामने अब बच्चों के भविष्य और उनके पालन-पोषण की बड़ी चिंता खड़ी हो गई है.
वहीं घटना की सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, और स्थिति की जानकारी ली पुलिस मामले को संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी है. इधर मीडिया कर्मियों ने जब अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया, तो अस्पताल के कंपाउंडर गोपाल कुमार ने बताया कि अभी अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं हैं, जब आएंगे तब आकर बयान ले लीजिएगा. फिलहाल इस घटना ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था और मरीजों से ली जाने वाली शुल्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि डॉक्टरों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित स्वास्थ्य विभाग, इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं, और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं.