ये करेंगे इंसाफ....रेप के बाद इंसाफ के लिए पंचायत पहुंची महिला, तो चटवाया गया थूक, फिर जो हुआ देखिए 

बेगूसराय (BEGUSARAI): ग्रामीण क्षेत्रों में जब किसी के साथ अन्याय होता है या कोई गलत घटना होती है, तो लोग इंसाफ की उम्मीद लेकर पंचायत के पास जाते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी शर्मनाक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आपका सिर शर्म से झुक जाएगा. बिहार के बेगूसराय में दुष्कर्म की पीड़िता जब इंसाफ की गुहार लेकर पंचायत पहुंची, तो उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं.इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पढ़िए कहां का है पूरा मामला

आपको बता दे कि ये पूरा मामला बिहार के बेगूसराय जिले का है.जहां मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पंचायत का तालिबानी फरमान देखने को मिल रहा है, जिसमें एक महिला से न सिर्फ थूक चटवाया गया, बल्कि भरी पंचायत में उससे कान भी पकड़वाया गया. यह घटना लगभग दो महीने पुरानी बताई जा रही है. पीड़िता ने बलिया थाना में अपने पड़ोसी युवक पर दुष्कर्म करने और पंचायत द्वारा अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला दर्ज कराया है. घटना सामने आने के बाद लोग इस तरह की तालिबानी सजा की कड़ी निंदा कर रहे हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद FIR दर्ज

 वीडियो वायरल होने के बाद पीड़िता ने बलिया थाना में दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए पंचायत में अमानवीय व्यवहार किए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.बताया जाता है कि बलिया थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला और एक युवक को 2 जून 2026 को पंचायत में कान पकड़वाया गया और फिर जमीन पर थूक फेंककर उसे चटवाया गया. महिला का आरोप है कि उसके पड़ोस के एक युवक ने उसे डरा-धमकाकर घर में घुसकर जबरन दुष्कर्म किया. सुबह जब वह खिड़की के रास्ते बाहर निकल रहा था, तभी गांव वालों ने उसे पकड़ लिया और दोनों को पंचायत में ले जाकर अमानवीय व्यवहार किया गया.

पुलिस ने दिया इन्साफ का भरोसा 

इस संबंध में मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि यह घटना 2 जून 2026 की है. महिला के आवेदन पर बलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. महिला का आरोप है कि पड़ोसी युवक ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाहर निकलते समय गांव वालों ने पकड़कर उसके साथ गलत व्यवहार किया. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. हालांकि महिला ने अपनी प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं कराया है.अब सवाल यह उठता है कि पंचायत के लोगों को आखिर किसने यह अधिकार दिया कि वे भरी पंचायत में एक महिला के साथ इस तरह का अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार करें. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.