बिहार: अररिया में आकाशीय बिजली का कहर! तीन लोगों की दर्दनाक मौत
अररिया के औरैयावाड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई. हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है.
अररिया के औरैयावाड़ी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई. हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है.
अररिया (ARAIA): बिहार में लगातार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति है. बारिश के बीच वज्रपात और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी बढ़ गई हैं. इसी बीच अररिया जिले के तरोना भोजपुरी पंचायत के औरैयावाड़ी गांव में बुधवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों की पहचान शनिचरा भगत (50), वीरेन भगत (48) और कन्हैया भगत (30) के रूप में हुई है. तीनों मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे. परिजनों के अनुसार, बुधवार को अचानक तेज बारिश शुरू हो गई थी. इसी दौरान गांव के कुछ लोग अपने पशुओं को वापस लाने के लिए खेतों की ओर गए थे. बारिश के बीच अचानक आकाशीय बिजली गिरने से छह लोग इसकी चपेट में आ गए.
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आईं. स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से झुलसे तीनों लोगों को आनन-फानन में अररिया सदर अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार ने प्राथमिक जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, आंशिक रूप से घायल तीन लोगों का इलाज उनके घर पर ही चल रहा है. घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चीख-पुकार मच गई. इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.
मानसून के दौरान बिहार में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं. खासकर खेतों में काम करने वाले किसान, पशुपालक और खुले स्थानों पर मौजूद लोग इसके अधिक जोखिम में रहते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए. इस दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना या बिजली के खंभे और धातु की वस्तुओं के पास रहना भी खतरनाक हो सकता है. अररिया की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली से बचाव को लेकर जागरूकता और समय रहते चेतावनी देने वाले तंत्र को मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है. प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की उम्मीद है.