टीएनपी डेस्क(TNP DESK):बिहार सरकार की ओर से बिहार के छात्रों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, ताकि आर्थिक परेशानी की वजह से किसी भी परिवार के बच्चों की पढ़ाई न छूटे. वहीं, कुछ बच्चे जो गांव में रहकर पढ़ाई करते हैं, तब तक घर वाले जैसे-तैसे करके खर्च चला लेते हैं, लेकिन जब बच्चे आगे की पढ़ाई करने के लिए घर से दूर जाते हैं तो वहां फिर घर पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है, क्योंकि हर महीने उन्हें पैसे देने होते हैं. इसी को देखते हुए बिहार सरकार मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत ऐसे बच्चे जो घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं, उन्हें आर्थिक मदद दी जाती है. सरकार ने इस मदद की राशि को बढ़ाकर 2,000 प्रति माह कर दिया है, यानी हर महीने 2,000 दिए जाते हैं. योजना का लाभ उठाया जा सकता है और कैसे आवेदन किया जाता है, चलिए आपको बताते हैं.

साल में मिलते हैं 24000 रुपये
अब बता दें कि बिहार के ऐसे छात्र हैं जो अपने गांव और घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं. ऐसे में पढ़ाई का खर्च उनके परिवार पर बढ़ जाता है. खासकर वैसे परिवार जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उनके परिवार पर परेशानी बढ़ जाती है. इसी को देखते हुए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है, जहां बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा शुरू की है. यहां बच्चों को छात्रावास में रहने की सुविधा के साथ सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाता है, ताकि उन्हें पढ़ाई जारी रखने में कोई भी परेशानी न हो. इस योजना के तहत पहले छात्रों को 1,000 प्रति माह दिया जाता था, लेकिन फरवरी 2026 में इस सहायता राशि को बढ़ाकर 2,000 प्रति माह कर दिया गया. यानी साल में अब 24,000 रुपये बच्चों को दिए जाते हैं. आपको बता दें कि छात्रावास में आर्थिक मदद के साथ बच्चों को हर माह 15 किलो अनाज भी दिया जाता है, जिसमें गेहूं और चावल शामिल हैं.

ऐसे बच्चों को मिलता है आर्थिक लाभ
अब आपके मन में सवाल उठता है कि बिहार के सभी छात्र इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है या पात्र हो सकता है. इस योजना को खास तौर पर पिछड़ा वर्ग यानी BC या अति पिछड़ा वर्ग यानी EBC वर्ग के लिए शुरू किया गया है. वहीं, इसके साथ छात्र बिहार के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा होना चाहिए. छात्रों को जिस जिले के छात्रावास में प्रवेश लेना है, उसी जिले के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान में पढ़ाई करने वालों को भी इसका लाभ मिल सकता है. छात्रावास में सीट उपलब्ध होने के बाद पात्र छात्रों को प्रवेश दिया जाता है. दरअसल, अब बताते हैं कि इसके लिए कैसे अप्लाई करना है.आपको बता दें कि छात्रावास में आवेदन के लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है, जिसमें जाति प्रमाण-पत्र, बिहार का निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट, दसवीं का प्रमाण-पत्र, पिछली परीक्षा की मार्कशीट, स्कूल या कॉलेज में नामांकन का प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं. इसके साथ ही आवेदन के दौरान शिक्षण संस्थान से संबंधित अनुशंसा पत्र भी मांगा जा सकता है. अब चलिए आपको आवेदन करने का तरीका बता देते हैं.

इस तरह कर सकते है apply
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के छात्रावास पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. जहां सबसे पहले छात्र को पोर्टल पर जाकर हॉस्टल में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प चुनना है. वहां आपको नाम, पता, मोबाइल नंबर, शैक्षणिक जानकारी और जाति से जुड़ी जानकारी मांगी जाएगी. उसको सही-सही भर देना है. वहीं, इसके बाद जरूरी दस्तावेज भी मांगे जाएंगे, जो आपको अपलोड करने हैं. सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन जमा करना होगा. आवेदन जमा करने के बाद उसका सत्यापन किया जाता है. अगर छात्र पात्र पाया गया और छात्रावास में सीट उपलब्ध रहती है तो छात्रावास में प्रवेश दे दिया जाता है. वहीं, इस नियम के तहत 2,000 प्रति माह छात्रावास अनुदान का लाभ भी मिलने लगता है.
पात्र विद्यार्थी करे आवेदन
आपको बता दें कि यही योजना उन बच्चों की सबसे ज्यादा मदद करती है जो पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर रहते हैं. छात्रावास में रहने की सुविधा मिलने के साथ हर महीने आर्थिक सहायता भी मिलती है, वहीं अनाज भी दिया जाता है, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो जाता है. अगर आप भी BC या EBC वर्ग से हैं और बिहार में पढ़ाई कर रहे हैं तो आपको इस योजना के लिए जरूर आवेदन करना चाहिए. यदि आप भी पात्र पाए जाते हैं तो आपको भी योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

