टीएनपी डेस्क (TNP DESK): खरीफ की फसल पर मौसम की मार का खतरा हमेशा बना रहता है. कभी तेज बारिश, बाढ़, सूखा तो कभी दूसरी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं. ऐसे में किसानों के लिए फसल बीमा आर्थिक सुरक्षा का बड़ा सहारा बन सकता है. अच्छी बात यह है कि खरीफ सीजन 2026 में किसान महज 1 रुपये की टोकन राशि देकर अपनी पात्र फसल का बीमा करा सकते हैं. इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है.
झारखंड में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम से भी जाना जाता है. योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी जोखिमों के कारण फसल को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है. ऐसे में जिन किसानों ने खरीफ सीजन में धान, मक्का या अन्य पात्र फसल की खेती की है, उनके लिए समय रहते बीमा कराना महत्वपूर्ण है.

योजना का लाभ केवल कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों तक सीमित नहीं है. ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसान इसके दायरे में आ सकते हैं. इसके अलावा अपनी जमीन पर खेती करने वाले किसानों के साथ बटाई पर खेती करने वाले किसान भी निर्धारित पात्रता और जरूरी दस्तावेज पूरे करने पर आवेदन कर सकते हैं. यानी जमीन का मालिक होना ही इस योजना का एकमात्र आधार नहीं है.
आवेदन के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे. इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति और भूमि स्वामित्व से जुड़ा प्रमाण-पत्र प्रमुख हैं. अगर किसान किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती कर रहा है, तो उसे बटाई प्रमाण-पत्र भी देना होगा. इसके अलावा फसल की बुआई से संबंधित स्व-सत्यापित प्रमाण-पत्र, वंशावली और मोबाइल नंबर की भी जरूरत होगी.

कृषि विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच कर लें. कागजात में किसी तरह की कमी रहने पर आवेदन प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है. इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय किसान पहले ही जरूरी कागजात जुटाकर आवेदन पूरा कर लें. इस योजना की एक खास बात यह है कि किसानों से बैंक खाते के सत्यापन के लिए सिर्फ 1 रुपये की टोकन राशि ली जाएगी. इतनी कम राशि में फसल को बीमा सुरक्षा मिलने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा. प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल खराब होने की स्थिति में बीमा सुरक्षा किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से राहत दिलाने में मदद कर सकती है.
खरीफ की प्रमुख फसलों के लिए बीमित राशि भी निर्धारित की गई है. धान के लिए प्रति हेक्टेयर 63,915 रुपये और मक्का के लिए प्रति हेक्टेयर 53,434 रुपये की बीमित राशि तय की गई है. इसका मकसद फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है. कृषि विभाग किसानों के बीच योजना को लेकर जागरूकता अभियान भी चला रहा है. विभाग की अपील है कि पात्र किसान समय रहते अपनी फसल का बीमा करा लें. खासकर वे किसान जिन्होंने खरीफ सीजन में धान, मक्का या योजना के तहत आने वाली दूसरी फसलें लगाई हैं, वे आवेदन की प्रक्रिया को अंतिम समय तक न टालें.

31 अगस्त 2026 अंतिम तारीख
किसानों के पास खरीफ फसल का बीमा कराने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है. आवेदन के लिए आधार, बैंक खाते और जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है. बटाईदार किसानों को संबंधित प्रमाण-पत्र भी साथ रखना होगा. कम राशि में फसल को बीमा सुरक्षा देने का यह मौका किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा.

