धनबाद (DHANBAD) : धनबाद के राजनीतिक माहौल की तस्वीर कभी भी बदल सकती है. कभी कोई फ्रंट फुट पर खेलता है तो कोई पीछे से हमला करता है. किसी भी काम का क्रेडिट लेने के लिए हो हल्ला शुरू हो जाता है. दरअसल 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर नेताओं के मन में कई खतरे और जिज्ञासाएं है. यही वजह है कि बात-बात पर राजनीतिक लड़ाई हो रही है. कभी सांसद ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह के बीच तलवार खींचती है, तो कभी भाजपा में ही घमाशान मच जाता है. तो कभी सांसद और निरसा विधायक के बीच राजनीतिक लड़ाई शुरू हो जाती है.
लड़ाई पहुंची माफिया गिरी और रंगदारी तक
फिलहाल धनबाद के निरसा में 400 करोड रुपए का एलिवेटेड फ्लाईओवर राजनीति के केंद्र में आ गया है. यह लड़ाई माफिया गिरी और रंगदारी तक पहुंच गई है. दरअसल, इन सब की शुरुआत निगम चुनाव से हुआ है. निगम चुनाव में संजीव सिंह के मेयर बनने के बाद ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर गजब की राजनीति हुई थी. संजीव सिंह का निमंत्रण पत्र रेलवे ने वापस ले लिया था. कहा जा रहा था कि यह सांसद ढुल्लू महतो के दबाव में किया गया है. रेल अधिकारी संजीव सिंह के घर तक पहुंचे और उन्होंने कई कारण बताते हुए क्षमा याचना की.
झरिया पर भी है सांसद की नजर
उसके बाद विवाद बढ़ा फिर झरिया को सांसद ढुल्लू महतो केंद्र बना लिए. झरिया में लगातार कार्यक्रम करने लगे, तो संजीव सिंह कतरास-बाघमारा से सक्रिय हो गए. अब सांसद ढुल्लू महतो और निरसा विधायक के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई छिड़ गई है. सांसद ढुल्लू महतो भजपा से झामुमो में गए नेता अशोक मंडल को ए ट क में खींचकर लाए है. अशोक मंडल के कंधे पर हाथ रखकर सांसद निरसा में अपना दायरा बढ़ाना चाहते हैं, जबकि विधायक अरूप चटर्जी यह होने देना नहीं चाहते और यही वजह है कि एलिवेटेड फ्लाईओवर के बहाने दोनों नेताओं के बीच तीखे शब्द वाद चल रहे हैं.
400 करोड़ का एलिवेटेड फ्लाईओवर बड़ा राजनीतिक मुद्दा
निरसा में 400 करोड़ रुपए का एलिवेटेड फ्लाईओवर अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. सांसद ढुल्लू महतो और निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. सांसद का कहना है कि अरुप चटर्जी अनुकंपा के विधायक हैं. इसलिए उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है. सरकारी योजना में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. दूसरी और अरूप चटर्जी का कहना है कि निरसा में माफिया बाद को पनपने नहीं देंगे. कोई माफिया चाहेगा कि दूर से बैठकर यहां चहेते लोकल दबंगों को काम दिलाएंगे, तो यह नहीं होने दिया जाएगा. अब सच्चाई जो भी हो लेकिन सांसद ढुल्लू महतो और विधायक का अरूप चटर्जी के बीच जंग छिड़ गई है.

