क्या सारंडा में होगी बड़ी कार्रवाई,CRPF DG के दौरे के बाद क्या होगा बड़ा एक्शन

    क्या सारंडा में होगी बड़ी कार्रवाई,CRPF DG के दौरे के बाद क्या होगा बड़ा एक्शन
    माओवादियों के खिलाफ जंगल में एक युद्ध की शुरुआत होने वाली है. ऑपरेशन में सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों के ताबूत में आखरी कील ठोंकने की तैयारी में है. सारंडा में मौजदू नक्सलियों के किले को निस्त नाबूद करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी. अब अंतिम लड़ाई की डेडलाइन नजदीक आरही है तो खुद CRPF के DG  चाईबासा के जंगल में पहुंचे. सुरक्षा बल के जवानों की चेकपोस्ट पर पहुंच कर रणनीति बनाई और जवानों का हौसला बढ़ाया.साथ ही आगे की रणनीति पर चर्चा की है.

    रांची(RANCHI): माओवादियों के खिलाफ जंगल में एक युद्ध की शुरुआत होने वाली है. ऑपरेशन में सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों के ताबूत में आखरी कील ठोंकने की तैयारी में है. सारंडा में मौजूद नक्सलियों के किले को निस्त नाबूद करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी. अब अंतिम लड़ाई की डेडलाइन नजदीक आरही है तो खुद CRPF के DG  चाईबासा के जंगल में पहुंचे. सुरक्षा बल के जवानों की चेकपोस्ट पर पहुंच कर रणनीति बनाई और जवानों का हौसला बढ़ाया.साथ ही आगे की रणनीति पर चर्चा की है.

    CRPF डीजी का दौरा अहम

    केन्द्रीय सुरक्षा बल के पुलिस महानिदेशक का यह दौरा कई मायनों में अहम है. पिछले 40 दिनों में वह दूसरी बार सारंडा पहुंचे है.डीजी जीपी सिंह बीहड़ जंगल में मौजूद तिरिलपोसी स्थित फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस में कई घंटों अधिकारियों के साथ बैठक की. जंगल की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की साथ ही जवानों के बीच पहुंच कर उनके हौसले को बढ़ाया है. साथ एक ऐसी रणनीति पर काम करने की योजना बनी है. जिसमें नक्सलियों के आखरी किले को बिना खुद कोई नुकसान उठाए ध्वस्त कर सके.

        जंगल की घेराबंदी कर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

    ऐसे में CRPF एक बड़े ऑपरेशन की शुरुआत सारंडा में करने वाली है. जिस तरह से छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में बड़ा अभियान चला और अधिकतर बड़े माओवादी मारे गए या हथियार डाल दिया. लेकिन झारखंड में अभी तक ऐसा नहीं देखा गया. यहां दो बड़े सेंट्रल कमिटी सदस्य के साथ 40 के करीब इनामी नक्सली है. माना जा रहा है कि सभी का ठिकाना सारंडा  के जंगल में ही है. यही वजह है कि अब इस जंगल को चारों ओर से घेर कर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

    मिसिर बेसरा और आकाश के खात्मे से खत्म हो जाएगा नक्सलवाद

    बीते 22 जनवरी को सारंडा के जंगल में एक करोड़ के इनामी एनल दा उर्फ तूफान जी के साथ 17 नक्सली मारे गए. इसके बाद मिसिर बेसरा,आकाश जिनपर एक एक करोड़ रुपये का इनाम है. इनके साथ 40 के करीब नक्सली हथियार लेकर जंगल में मौजूद है. जिन्हे अब टारगेट कर सुरक्षा बल के जवान आगे की कार्रवाई करेंगे. माना जा रहा है कि अगर मिसिर बेसरा और आकाश खत्म हुए तो नक्सलियों का आखरी किला बुरी तरह से ढह जाएगा. फिर कही बंदूक के दम पर सत्ता से लड़ाई नहीं दिखेगी. कहीं लाल सलाम की गूंज नहीं सुनाई देगी.               

    दो से तीन इलाका ही नक्सलग्रस्त

    पुलिस रिकार्ड के मुताबिक सारंडा का दो से तीन इलाका ही अब नक्सल ग्रस्त है. बाकी अन्य इलाके में सुरक्षा बल के जवानों की कार्रवाई के बाद नक्सलमुक्त हो गया. अब बचे हुए इलाके में 40 के करीब नक्सली बैठे है. जिनके खात्मे के लिए अंतिम लड़ाई की शुरुआत होने वाली है.     


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