क्या झारखंड में हो जाएगा खेला? आखिर क्यों नड्डा पहुंचे देवघर, हेमंत ने भी कर दिया पोस्ट, जानिए पूरी कहानी

    क्या झारखंड में हो जाएगा खेला? आखिर क्यों नड्डा पहुंचे देवघर, हेमंत ने भी कर दिया पोस्ट, जानिए पूरी कहानी

    रांची(RANCHI): झारखंड में राजनीतिक फिजा बदली बदली सी है. हर तरफ राजनीतिक सरगर्मी तेज है. सबसे बड़ी बात की राज्य में अभी दूर दूर तक कोई चुनाव नहीं है. इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का झारखंड आना और आदिवासी समाज के अगुआ के साथ सीएम हेमंत की चर्चा काफी कुछ इशारा कर रही है. ऐसे में झारखंड में चर्चा का माहौल बना है आखिर क्या राज्य में बड़ा सियासी उलटफेर होने वाला है या फिर ऐसे ही सब शांत पड़ जाएगा.

    अगर देखें तो झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे और भाजपा नेताओं के साथ मुलाकात ने की खबरें सूत्रों के हवाले खूब चली. लेकिन इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक पोस्ट किया झारखंड झुकेगा नहीं इसके आगे और कुछ अब तक किसी का बयान सामने नहीं आया. साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से भी इस पूरे मामले में एक शब्द अब तक नहीं बोला गया.लेकिन कांग्रेस खुद इस पूरे मसले पर बात रख रही है.

    वहीं दूसरी तरफ भाजपा नए तेवर में राज्य में दिख रही है. बिना चुनावी समर के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवघर पहुंचे. पहले पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक की उसके बाद कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लिया. इस दौरान राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा को खूब उछला. लेकिन यहां से एक संदेश दिया कि कार्यकर्ता मायूस नहीं हो. जब झारखंड का नंबर आएगा तो यहां भी कमल खिलाएंगे. भाजपा ने 27 साल बाद दिल्ली में कमल खिला दिया. यह एक ऐसी पार्टी है जो 0 से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी है.

    इस बयान और नड्डा के दौरे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. जिसमें लिखा कि झारखंड में फिर से एक बार झारखंड में कमल खिलेगा. इस पोस्ट के बाद फिर से यह चर्चा शुरू हो गई की झारखंड में कुछ तो होने वाला है. आखिर इतना सरगर्मी और नेताओं के पोस्ट बहुत कुछ इशारा कर रहे है.

    इन सब के बीच देखे तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवासीय कार्यालय कांके रोड में देश के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी प्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत किया. मौके पर प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर अपने हक-अधिकारों के लिए संघर्ष करने और सशक्त होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर आदिवासी प्रतिनिधियों ने सोरेन से आग्रह किया कि देशभर में चल रहे आदिवासी संघर्षों को वे नेतृत्व प्रदान करें.

    अब सीएम यहीं नहीं रुके है, मीडिया के सामने भले ही कुछ ना बोला हो लेकिन सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई पोस्ट किया है. जिसमें लिखा है कि झारखंड नेतृत्व करने वाली धरती है.और इस धरती हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद किया है.                            


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