धनबाद में रहकर कोयले को "हीरा" बनाने वाले पुलिस अधिकारियों पर क्यों कसेगा शिकंजा, पढ़िए डिटेल्स में

    धनबाद में रहकर कोयले को "हीरा" बनाने वाले पुलिस अधिकारियों पर क्यों कसेगा शिकंजा, पढ़िए डिटेल्स में

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद में कोयला चोरी एक बार फिर सुर्खियों में है. झारखंड हाई कोर्ट ने सीबीआई को पी ई दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है. इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी कोयला चोरी को लेकर झारखंड सरकार को घेरा है. कहा है कि हेमंत सरकार ने कोयला चोरी में कीर्तिमान बनाया है. अब सीबीआई इसका सच सामने लाएगी .उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है. इस आदेश के बाद अब सीबीआई धनबाद में कोयला चोरी के मामले में जिले के  पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी.

    झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को सीबीआई जांच का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में अगर मामला बनता है तो सीबीआई प्राथमिक दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी. इसके साथ ही अदालत ने प्रार्थी की याचिका को निष्पादित कर दिया. इसके पहले 24 सितंबर को याचिका के मेंटेबिलिटी पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

    मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अधिवक्ता मनोज कुमार ने पैरवी की थी. उन्होंने अदालत को बताया था कि प्रार्थी की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. प्रार्थी ने धनबाद के पुलिस अधिकारियों पर कोयले के व्यापार में अवैध वसूली का जो आरोप लगाया है ,वह सही नही है.  उसमें कोई सत्यता नहीं है. प्रार्थी प्रभावित व्यक्ति भी नहीं है .पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है. इसलिए प्रार्थी ने पुलिस अधिकारियो को फसाने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी  दर्ज करने का आवेदन दिया है. वहीं प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने राज्य सरकार की दलील का विरोध किया .उन्होंने बताया कि प्रार्थी ने धनबाद के तत्कालीन पुलिस पदाधिकारी पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है. उन्होंने मामले में प्राथमिक  दर्ज कर स्वतंत्र एजेंसी सीबीआई से जांच कराने के लिए उचित आदेश देने का आग्रह किया .  प्रार्थी अरूप चटर्जी ने क्रिमिनल रिट याचिका दायर की थी .बता दे कि धनबाद में कोयला चोरी और अवैध खदान से कोयला तस्करी का खेल वर्षों से चल रहा है. राज्य सरकार की सीआईडी ने पहले भी कोयले की अवैध धंधे की रिपोर्ट सरकार को दी थी. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.  हाल के वर्षों में धनबाद में कोयला चोरी का एक रिकॉर्ड बन गया है. जांच में धनबाद में रहे कई पुलिस अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Related News

    Our latest news