गाँधी परिवार में पहली बार  सांसद प्रियंका गाँधी को ही क्यों  मिली यह बड़ी जिम्मेदारी ,हिमांता विश्व सरमा को कैसे देंगी चुनौती !!

    गाँधी परिवार में पहली बार  सांसद प्रियंका गाँधी को ही क्यों  मिली यह बड़ी जिम्मेदारी ,हिमांता विश्व सरमा को कैसे देंगी चुनौती !!

    धनबाद (DHANBAD): गांधी परिवार का कोई व्यक्ति चुनाव स्क्रीनिंग समिति का अध्यक्ष पहली बार बना है. और यह सांसद प्रियंका गांधी के खाते में गया है. अब सवाल उठता है कि प्रियंका गांधी मुख्यमंत्री हिमांता विश्व सरमा के लिए कितनी बड़ी चुनौती होगी? प्रियंका गांधी किस ढंग से  उम्मीदवारों का चयन करेगी, यह अलग बात है कि प्रियंका गांधी को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनने से असम का चुनाव  दिलचस्प हो  सकता है.बता दें कि बंगाल सहित तमिलनाडु ,पांडिचेरी, केरल, असम में इसी साल चुनाव होने हैं. और इस चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारी शुरू कर दी है. स्क्रीनिंग कमेटी बनाई गई है और बनाई जा रही है. यह अलग बात है कि हर साल ऐसा होता है, लेकिन इस बार कांग्रेस खेमे में चर्चा इसलिए है कि प्रियंका गांधी को असम की स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. जानकार बताते हैं कि यह पहला मौका है ,जब गांधी परिवार से किसी को स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. उम्मीदवारों के चयन में इस कमेटी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. 

    क्या होती है स्क्रीनिंग कमेटी की मुख्य भूमिका और कैसे करती है काम 

    दरअसल, स्क्रीनिंग कमेटी की मुख्य भूमिका विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों का चयन करना होता है. राज्य की हर विधानसभा से जो भी उम्मीदवारों के नाम आएंगे, उसमें सबसे बेहतर उम्मीदवारों का चयन कर उसे वरीयता के आधार पर केंद्रीय चुनाव समिति के सामने रखना होता है .हालांकि उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति लेती है .लेकिन इतना तो तय माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी जिस उम्मीदवार पर मुहर  लगा देगी, उसे केंद्रीय चुनाव समिति भी स्वीकार कर लेगी. असम की स्क्रीनिंग कमेटी में प्रियंका गांधी के साथ दो अन्य सदस्यों के भी नाम है. सवाल किये  जा रहे हैं कि प्रियंका गांधी को असम की  स्क्रीनिंग कमेटी का जिम्मा क्यों दिया गया? इसके पीछे क्या कोई रणनीति है? असम के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई भी युवा है. उनके पिता तरुण गोगोई कई बार असम के मुख्यमंत्री रहे और 10 जनपद के करीबी थे. 

    गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता हैं यानी उनकी हैसियत

    गौरव गोगोई लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता हैं .यानी राहुल गांधी के बाद कांग्रेस संसदीय दल में उनकी हैसियत नंबर दो की है. सवाल यह भी है कि असम में क्या कांग्रेस के लिए कोई उम्मीद है? क्या गौरव गोगोई हिमांता विश्व सरमा को चुनौती दे पाएंगे? असम का चुनाव भी कम रोचक नहीं होता है .वहां चुनाव गठबंधनों के बीच होता है. पिछली बार एनडीए को 126 विधानसभा सीटों में 75 सीट मिली थी और कांग्रेस गठबंधन वाली महाजोत को 50 सीट मिली थी. हालांकि वोटो के  प्रतिशत का अंतर  सिर्फ 1.6 प्रतिशत  रहा था. असम में यदि इंडिया गठबंधन क्षेत्रीय दलों के साथ ठोस  गठबंधन करता है, तो एनडीए को चुनौती दे सकता है.  लेकिन उसके लिए जरूरी है कि सही उम्मीदवारों का चयन हो. क्योंकि कांग्रेस के उम्मीदवारों के चयन को लेकर हमेशा आरोप लगते रहे हैं. 

    प्रियंका गांधी के रहते कम से कम चोरी-चकारी के आरोप नहीं लगेंगे 

    माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी के रहते कम से कम यह आरोप  नहीं लगेंगे. संसद में प्रियंका गांधी के प्रदर्शन के बाद उनके लिए यह जिम्मेवारी महत्वपूर्ण हो सकती है. वैसे हिमांता विश्व सरमा भी पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए और फिर असम के मुख्यमंत्री बन गए. 2026 के चुनाव में उनकी भी परीक्षा होगी.  वैसे हिमांता  विश्व सरमा  झारखंड के विधानसभा चुनाव में भी प्रमुख भूमिका में थे.  लेकिन रिजल्ट भाजपा के पक्ष में नहीं आ पाया था.  अब देखना है कि असम की राजनीति किस करवट बैठती  है.  वैसे भी हिमांता  विश्व सरमा  राहुल गांधी को हमेशा निशाने पर लिए होते है.  ऐसे में प्रियंका गांधी का हस्तक्षेप  एनडीए के साथ-साथ हिमंता  विश्व सरमा  को कितना चुनौती  दे पाएगा , यह देखने वाली बात होगी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news