धनबाद : स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और डॉक्टर भी ईडी के रडार पर, इस रिपोर्ट में पढ़िए क्या है मामला

     धनबाद : स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी और डॉक्टर भी ईडी के रडार पर, इस रिपोर्ट में पढ़िए  क्या है मामला

    धनबाद(DHANBAD) : बिहार में बालू की  हेरा फेरी की जांच के लिए धनबाद में पहली बार प्रवर्तन निदेशालय का प्रवेश हुआ था. धनबाद में रहकर बिहार में बालू का कारोबार करने वाले कई लोग प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आये. उनकी गिरफ्तारी भी हुई. यह सब कार्रवाई पटना के प्रवर्तन निदेशालय ने की थी. लेकिन अब रांची के प्रवर्तन निदेशालय की टीम धनबाद आई तो प्रमोद सिंह के ठिकानों को खंगाला और कागजात, गाड़ी जब्त  कर ले गई.  प्रमोद सिंह के बारे में कहा जाता है कि पहले वह स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के कर्मी थे. कोयला और बालू का कारोबार भी करते थे. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का लगभग 6 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी करने का उनपर आरोप है. यह अलग बात है कि 2016 में ही यह  मामला उजागर हुआ था. 2016 में निगरानी ब्यूरो की टीम ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था.  इसी मामले को प्रवर्तन निदेशालय ने टेक अप किया और प्रमोद सिंह के ठिकानों तक पहुंच गई.  

    पहले भी ईडी की टीम रांची बुलाकर कर चुकी ही पूछताछ 

    सूत्र बताते हैं कि मामला टेक अप करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय पिछले दिनों दो बार प्रमोद सिंह को दफ्तर बुलाकर पूछताछ कर चुकी है.  उसके बाद  सर्च वारंट लेकर ईडी  की टीम प्रमोद सिंह के साथ-साथ उसके सहयोगी भूली के अंजीव सिंह,  मधुबन के अश्वनी शर्मा, नावाडीह के अरुण सिंह, नूतनडीह  के मुकेश पासवान, प्रमोद सिंह के संबंधी  दिव्य प्रकाश सिंह के घर छापेमारी को पहुंची थी.  जानकारी के अनुसार सरायढेला सहयोगी नगर स्थित प्रमोद सिंह के आलीशान घर में सर्च करने पहुंची. ईडी की टीम ने जमीन का सेल डीड, तीन मोबाइल, प्रमोद सिंह का लैपटॉप भी जब्त कर साथ ले गई है.  जब्त  सामान की लिस्ट प्रमोद सिंह को दे दी गई है. ईडी  की कार्रवाई के दौरान तीन आर्म्स लाइसेंस भी मिले.  लाइसेंस का सत्यापन कराए जाने के बाद टीम उसे नहीं ले गई. लोग बताते हैं कि 17 जुलाई को प्रमोद सिंह के किसी रिश्तेदार के घर शादी है.  शादी को लेकर प्रमोद सिंह ने कपड़े और ज्वेलरी की खरीदारी की थी. घर में पड़े परचेज बिल को भी ईडी  ने जब्त  किया है. यह भी जानकारी छनकर आ रही है कि निगरानी ब्यूरो ने 2016 में जब प्रमोद सिंह के खिलाफ प्राथमिक दर्ज की थी तो  उसके बाद तीन-चार बैंक खातों को फ्रीज करा  दिया था.

    प्रमोद सिंह के आवास की रजिस्ट्री पर लगी है रोक 

     निगरानी ब्यूरो  ने प्रमोद सिंह के आवास की रजिस्ट्री पर भी रोक लगा रखी है.  प्रमोद सिंह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा  दिया है. अधिकारी और कर्मचारी भी परेशान है. विशेष कर वैसे अधिकारी और कर्मचारी, जो प्रमोद सिंह के सेवा काल में उनके करीबी रहे थे.  इनमें कुछ डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों के नाम की भी चर्चा हो रही है.  सूत्र यह भी बताते हैं कि विभाग के कुछ कर्मचारी प्रमोद सिंह के कहने पर उसके द्वारा काटे गए चेक को लेकर बैंक जाते थे और कैश निकालकर लाते थे.  पता चलता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने प्रमोद सिंह को 11 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया है. देखना है क्या तथ्य निकल कर आ रहे है. कयास लगाए जा रहे  हैं कि  यह  जरूर पूछा जाएगा कि बैंक अकाउंट जब फ्रिज था, तो 8 साल में उनका काम कैसे चल रहा था.  जो भी हो, प्रवर्तन निदेशालय की नजर धनबाद पर गड़ी हुई है और कुछ अन्य लोग भी इस घोटाले की चपेट में आ जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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