चंदनकियारी में भाजपा की क्यों हुई बड़ी हार, जानिए बोकारो भी हाथ से कैसे फिसल गया

    चंदनकियारी में भाजपा की क्यों हुई बड़ी हार, जानिए बोकारो भी हाथ से कैसे फिसल गया

    धनबाद(DHANBAD):  धनबाद लोकसभा में पड़नेवाले चंदनकियारी  और बोकारो दोनों सीट  बीजेपी हार गई है. चंदनकियारी  से नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी  की बड़ी हार हुई है.  यह  हार  इसलिए भी बड़ी कहीं जाएगी, क्योंकि चंदनकियारी  में प्रधानमंत्री ने सभा की थी.  भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया था.  लेकिन चंदनकियारी  की जनता ने झामुमो पर भरोसा किया और चुनाव के ठीक पहले दल बदल कर आए उमाकांत रजक को फिर से विधायक बना दिया है.  झामुमो के उमाकांत रजक को 90,0 27 वोट मिले हैं ,जबकि दूसरे स्थान पर जेएलकेएम के अर्जुन रजवार आए है.  उन्हें कुल 56,294 मत प्राप्त हुए है.  जबकि अमर कुमार बाउरी  तीसरे स्थान पर चले गए है.  उन्हें 56,091 वोट प्राप्त हुए है.  वैसे शुरू से ही चंदनकियारी  की सीट हॉट सीट बनी हुई थी.  भाजपा को यह आभास था कि यह सीट हाथ  से जा सकती है.  

    प्रधानमंत्री की सभा के बाद भी नहीं हुई जीत 

    इसलिए प्रधानमंत्री की सभा भी कराई गई. बगल की बोकारो सीट भी बीजेपी हार गई.  यहां से कांग्रेस उम्मीदवार श्वेता सिंह चुनाव जीत गई है.  श्वेता सिंह कोयलांचल के कद्दावर  नेता रहे समरेश सिंह की बहू है. बोकारो से भाजपा के बिरंची  नारायण चुनाव हार गए है.  वहीं बेरमो से कांग्रेस के अनूप सिंह फिर एक बार विधायक बने है.  बेरमो भी हॉट सीट थी.  डुमरी के अलावा बेरमो से भी जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो चुनाव लड़ रहे थे.  भाजपा की ओर से पूर्व सांसद रविंद्र पांडे थे लेकिन फिर एक बार अनूप सिंह ने विजय हासिल कर ली है. वैसे भाजपा के खाते में चंदनकियारी सीट जाने के बाद उमाकांत रजक ने दो टूक कह दिया था  कि चंदनकियारी से वह चुनाव लड़ेंगे.  परिस्थितियों चाहे जो भी हो. उन्होंने ऐसा ही किया. चंदनकियारी  सीट सुरक्षित सीट है. 

    जानिए चंदनकियारी का चुनावी इतिहास 
     
    2014 में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर अमर कुमार बाउरी  चुनाव जीते थे, लेकिन उसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए.  बाबूलाल मरांडी कुछ नहीं कर पाए.  उस समय बाबूलाल मरांडी झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो थे.   2009 में उमाकांत रजक चंदनकियारी  से विधायक बने थे.  उन्हें 36,620 वोट मिले थे.  जबकि अमर कुमार बाउरी  को 33 ,103 वोट प्राप्त हुए थे.  2014 में अमर कुमार बाउरी  ने 81,925 वोट लाकर विधायक बने  तो उमाकांत रजक को 47,761 वोट प्राप्त हुए थे.  2019 में भाजपा और आजसू  का गठबंधन नहीं था.  अमर कुमार बाउरी  को 67,739 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि उमाकांत रजक   58,528 वोट लाकर दूसरे नंबर पर थे.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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