बरहेट से क्यों कर सकते है सीएम  हेमंत सोरेन मंईयां सम्मान की राशि का हस्तांतरण, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    बरहेट से क्यों कर सकते है सीएम  हेमंत सोरेन मंईयां सम्मान की राशि का हस्तांतरण, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    धनबाद(DHANBAD) : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 14 दिसंबर को अपने विधानसभा क्षेत्र बरहेट में रहेंगे. चुनाव जीतने के बाद उनका यह पहला बरहेट दौरा होगा. सूत्र बताते हैं कि बरहेट से ही वह बड़ी मात्रा में मंईयां सम्मान योजना की राशि लाभुकों के खाते में ट्रांसफर कर सकते है. महिला लाभुकों को अब₹2500 देने है. बता दे कि बुधवार को हेमंत सोरेन सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया. इस बजट में सबसे अधिक राशि महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा (नोडल विभाग ) को दी गई है. मंईयां सम्मान योजना इसी विभाग द्वारा संचालित हो रही है. अनुपूरक बजट पर गुरुवार को आज विधानसभा में चर्चा होगी. उसके बाद वित्त विभाग द्वारा बजट का झारखंड सरकार के गजट प्रकाशन होगा.  

    फिर वित्त विभाग लाभुकों को भेजे जाने वाली राशि का हिस्सा नोडल विभाग को हस्तांतरित करेगा. माना जा रहा है कि प्रक्रिया पूरी होते-होते एक-दो दिनों का समय लग सकता है. सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 11697.45 करोड़ रुपए का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया है. अनुपूरक बजट की कुल राशि में से 54.63% राशि का प्रावधान समाज कल्याण विभाग के लिए किया गया है. सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को इसी विभाग द्वारा लागू किया जा रहा है.  इसके लिए 6390.55 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है. इस महीने से सम्मान योजना की राशि 1000 से बढ़कर ₹2500 हो गई है. बता दें कि चुनाव के पहले महिला सम्मान की राशि ₹1000 घोषित की गई थी.  

    लेकिन हेमंत सोरेन ने कहा था कि अगर उनकी सरकार बनी तो यह राशि ₹2500 कर दी जाएगी. वादे के मुताबिक राशि ₹2500 कर दी गई है. लेकिन बजट में इस योजना के लिए राशि का प्रावधान नहीं होने की वजह से कुछ परेशानियां आ रही थी. इसके लिए अनुपूरक बजट में राशि का आवंटन किया गया है. उम्मीद की जा रही है कि अपने बरहेट दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बड़ी मात्रा में सम्मान योजना की राशि लाभुकों के खाते में हस्तांतरित कर सकते है. इस राशि के लिए महिलाएं बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है. हेमंत सोरेन भी इस बात को समझ रहे हैं और इसके लिए राशि जुगाड़ की हर संभव कोशिश सरकार कर रही है या कर चुकी है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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