धनबाद सहित झारखंड में भाजपा जिला अध्यक्षों की क्यों अटकी सांसे, कैसे फंसी है सांसद-विधायकों की प्रतिष्ठा !


धनबाद (DHANBAD) : क्या झारखंड भाजपा को अब जल्द प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा? क्या जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है? क्यों भाजपा के जिला अध्यक्षों की सांस अटकी हुई है? यह सब ऐसे सवाल हैं, जो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता को मथ रहे है. प्रदेश अध्यक्ष की बात अगर नहीं भी की जाए, तो जिला अध्यक्ष की नियुक्ति में भाजपा के छोटे-बड़े नेताओं के "पावर" का अंदाजा लग जाएगा. वैसे भी धनबाद में सक्रिय सदस्यता को लेकर बवाल मचा हुआ है. पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा ने संगठन चुनाव की प्रक्रिया में तेजी लाई है.
झारखंड में आज से जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी
50% से अधिक मंडलों के अध्यक्ष की घोषणा के बाद आज से जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी, जहां पर 50% से अधिक मंडल अध्यक्षों का चयन हो गया है, वहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर कवायद शुरू हो रही है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक कर जिला अध्यक्ष के लिए तीन-तीन नाम का पैनल तैयार करेंगे. इसके बाद प्रदेश नेतृत्व इस पर सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा करेगा. इसके बाद प्रक्रिया पूरी जब हो जाएगी, तो केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा. इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व पर्यवेक्षक भेज कर प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पूरी करेगा. एक जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा की ओर से 519 में से 279 मंडल अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है.
कैसे फंसी है एक सांसद और तीन विधायकों की प्रतिष्ठा ?
वैसे सूत्र बता रहे हैं कि 17 दिसंबर यानी आज धनबाद भाजपा महानगर के 17 मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो सकती है. मंडल अध्यक्षों के चयन में सांसद ढुल्लू महतो , विधायक राज सिन्हा, विधायक रागिनी सिंह, विधायक शत्रुघ्न महतो की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. बुधवार को धनबाद ग्रामीण जिला अध्यक्ष के लिए भी रायशुमारी होगी. अगर सहमति बन गई, तो भाजपा के ग्रामीण जिला अध्यक्ष की भी घोषणा हो सकती है. धनबाद भाजपा महानगर में सक्रिय सदस्यों की सूची को लेकर हुए विवाद की वजह से मंडल अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया बार-बार टल रही है. हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है की वजह कुछ और है.
धनबाद में भाजपा में पांच खूंटे अलग -अलग ढंग से काम करते है
वैसे तो धनबाद में भाजपा नेता अथवा संगठन की बात की जाए तो पांच "खूंटे" महत्वपूर्ण रूप से गिने जाते है. एक है सांसद ढुल्लू महतो का, दूसरा है पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह का, तीसरा है सिंह मेंशन का, चौथा विधायक राज सिन्हा का, पांचवा पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल का. समय-समय पर कौन मजबूत दिखता है, कौन कमजोर पड़ता है, इस पर चर्चाएं चलती रही है. . महानगर में सक्रिय सदस्यता को लेकर जो सूची जारी की गई है, उसको लेकर बवंडर मचा हुआ है. कहा जाता है कि प्रदेश कार्यालय के एक पदाधिकारी की जारी सूची में चली है. इस पदाधिकारी के सम्बन्ध सांसद ढुल्लू महतो और विधायक रागनी सिंह से ठीक नहीं है. बताते हैं कि सक्रिय सदस्यों की सूची में दोनों नेताओं के समर्थक प्रभावित हुए है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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