धनबाद(DHANBAD): कोर्ट सहित अन्य प्रतिष्ठानों को उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है. वह ऐसा क्यों करता था ,क्या था उसका मकसद ,पुलिस इसकी जाँच कर रही है. दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में उसे कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया है. उसका पूरा नाम श्रीनिवास लुईस बताया गया है. उस पर आरोप है कि उसने देश भर के 1100 से अधिक स्कूल, कोर्ट और सरकारी संस्थाओं को बम की झूठी धमकी वाला मैसेज भेज कर परेशान कर रखा था. वह किराए के एक मकान से गिरफ्तार किया गया है.
वह मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है और पढ़ा -लिखा है
श्रीनिवास झारखंड, बिहार, बंगाल सहित अन्य राज्यों में ईमेल संदेश भेजकर बम से उड़ाने की धमकी भरा सन्देश भेजा था. सूत्रों के अनुसार श्रीनिवास लुईस पोस्ट ग्रेजुएट है और मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है. वह बेरोजगार है और अपनी मां के साथ रहता है. उसकी मां एक रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं. पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि वह मानसिक तनाव में था. शुरुआती पूछताछ में उसने ईमेल एवं अन्य संचार माध्यमों से देश भर के 1100 से अधिक धमकी भरे संदेश भेजने की बात कबूल की है. इन धमकियों के बाद अलग-अलग राज्यों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं. आरोप है कि उसने पिछले कुछ महीनो में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानो , महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, कोर्ट- कचहरी को फर्जी धमकी भरे संदेश भेजकर सनसनी फैलाने की कोशिश की है.
डिजिटल फुटप्रिंट्स और आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस पहुंची मैसूर
इन धमकियों के बाद हमेशा हड़कंप मच जाता था. जांच एजेंसियां परेशान होती थीं. लोग परेशान होते थे. बताया जाता है कि दिल्ली पुलिस की टेक्निकल टीम और साइबर सेल लगातार इन फर्जी मैसेज के स्रोत को ट्रैक कर रहे थे. डिजिटल फुटप्रिंट्स और आईपी एड्रेस की मदद से पुलिस की टीम कर्नाटक के मैसूर पहुंचीं। वहां एक किराए के मकान में रह रहे श्रीनिवास को पकड़ा। जांच में सामने आया कि वह तकनीक का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश करता रहा. लेकिन पुलिस से वह बच नहीं सका. पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन धमकियों के पीछे उसका मकसद क्या था? क्या वह किसी मानसिक विकार से जूझ रहा है या इसके पीछे कोई साजिश है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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