कौन है चंपाई सोरेन? जिनके कारण झारखंड की राजनीति में मच गया है बवाल !

    कौन है चंपाई सोरेन? जिनके कारण झारखंड की राजनीति में मच गया है बवाल !

    TNP DESK:सरायकेला से विधायक चंपई सोरेन का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. 1990 के दशक में अलग झारखंड राज्य आंदोलन के दौरान चंपई सोरेन ने राजनीति में कदम रखा था 1991 से 2019 तक उन्होंने सरायकेला विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यकाल को छोड़कर सभी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है. 2000 के चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद चंपई सोरेन सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से छह बार जीत चुके हैं. कोल्हान में चंपई सोरेन झारखंड टाइगर के नाम से मशहूर हैं. वे झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष हैं. इससे पहले वे पार्टी में महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. चंपई सोरेन का लंबा राजनीतिक अनुभव है. उन्हें झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन और कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन का करीबी माना जाता है.            

     तीन बार झारखंड  में रहे है  मंत्री 

    साल 2020 में चंपई सोरेन तीसरी बार झारखंड में मंत्री बने.  2010 में वे पहली बार अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली बीजेपी-जेएमएम गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने, फिर 2013 में जब जेएमएम -कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो उन्हें फिर से मंत्री पद दिया गया और वे तीन विभागों- उद्योग, परिवहन और आदिवासी कल्याण मंत्रालय के मंत्री रहे . 2019 में जब राज्य में जेएमएम -कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनी तो हेमंत सोरेन की सरकार में 28 जनवरी 2020 को एक बार फिर चंपई सोरेन को मंत्री बनाया गया. इस बार चंपई सोरेन को आदिवासी कल्याण और परिवहन मंत्रालय का विभाग दिया गया.  

      फरवरी 2024 मे बने थे मुख्यमंत्री  

     दरअसल, 2024 के शुरुआत मे झारखंड की राजनीति में काफी उतार चढ़ाव आया था. तत्कालीन  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के अधिकारियों के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद विधायक दल की तरफ से चंपाई सोरेन के नाम का सुझाव दिया  गया था. उन्होंने 3 फरवरी 2024 को  राज्य के मुख्यमंत्री  के तौर पर शपथ ग्रहण   किया था. जिसके बाद उन्होंने राज्य की कमान संभाली और लगातार राज्य के  हित मे कई परियोजनाओं की शुरुआत की. 

    6 महीने का रहा  मुख्यमंत्री कार्यकाल 

    मुख्यमंत्री बनने के बाद चंपई सोरेन ने लगातार कई अच्छे काम किए. लेकिन उसके बाद  जैसे ही पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  जेल से  बाहर आए तो उन्होंने दुबारा राज्य की कमान संभाली और चंपाई सोरेन को 3 जुलाई 2023 को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. 

    कार्यकाल पर उठाए गए सवाल

    दरअसल, सत्ता पक्ष  के कार्यकाल का यह आखिरी साल है, ऐसे में अपने मेनीफ़ेस्टों में किए गए कई सारे वादे है जिन्हें अभी तक पूरे नहीं किए गए. ऐसे में झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में लगाता विपक्ष सत्ता पक्ष  के ऊपर सवाल खड़े कर रही थी. ऐसे में दूसरी बार सत्ता संभालते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के कार्यकाल में सवाल खड़े कर दिए थे. 

    सोशल मीडिया से हटाया JMM

    चंपाई सोरेन अभी वर्तमान सरकार मे मंत्री है, लेकिन इधर राजनीति गलियारे मे हलचल चल रही है की वे भाजपा मे शामिल हो  सकते है. ऐसे में उन्होंने अपने सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म से JMM का नाम  हटा दिया है. जिसके बाद कयासों के बाजार और भी गर्म हो गए है, कि कहीं भाजपा अब चंपाई सोरेन के चेहरे के साथ तो नहीं जाएगी आदिवासियों के पास.


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