अनुशासन के नाम पर यह कैसा शासन ? छात्रा पहुंची अस्पताल, स्कूल प्रशासन का आरोपों से  इंकार

    Dumka news:दुमका जिले के जरमुंडी स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में अनुशासन सिखाने के नाम पर छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. क्लास 9 की छात्रा पूजा कुमारी ने विद्यालय की फिजिकल टीचर पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षिका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

    अनुशासन के नाम पर यह कैसा शासन ?  छात्रा पहुंची अस्पताल, स्कूल प्रशासन का आरोपों से  इंकार


    दुमका(DUMKA):दुमका जिले के जरमुंडी स्थित कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में अनुशासन सिखाने के नाम पर छात्रा के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. क्लास 9 की छात्रा पूजा कुमारी ने विद्यालय की फिजिकल टीचर पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. वहीं स्कूल प्रशासन और संबंधित शिक्षिका ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.

    छात्रा का आरोप: लात घूंसे से मारा, पेट में लगी चोट

    पीड़ित छात्रा पूजा कुमारी के अनुसार, बुधवार शाम वह कक्षा 7 की छात्राओं से कॉपी लेने उनके कमरे में गई थी. इसी दौरान फिजिकल टीचर सुहागिन मरांडी वहां पहुंचीं और कथित तौर पर उसे लात-घूंसे से मारा.छात्रा का कहना है कि इस मारपीट में उसके पेट में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई.

    पिता बोले बेटी ने खुद फोन कर बुलाया

    छात्रा के पिता रतन राय ने बताया कि शुक्रवार को बेटी ने स्कूल के फोन से कॉल कर घर ले जाने को कहा. घर लाने पर उसने पूरी घटना बताई और पेट में दर्द की शिकायत की. इसके बाद उसे जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया.

    वार्डन का पक्ष: मारपीट की जानकारी नहीं, सिर्फ डांट-फटकार

    विद्यालय की वार्डन नेहा वर्मा ने बताया कि बुधवार शाम कक्षा 7 के कमरे से शोरगुल की आवाज आई थी.जांच करने पर पता चला कि क्लास 9 की छात्रा वहां मौजूद थी उन्होंने कहा कि शिक्षिका ने सिर्फ अनुशासन बनाए रखने के लिए डांट फटकार लगाई थी.मारपीट जैसी किसी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है. अन्य छात्राओं से पूछताछ में भी ऐसी बात सामने नहीं आई.

    शिक्षिका ने आरोपों को बताया निराधार

    फिजिकल टीचर सुहागिन मरांडी ने भी आरोपों को निराधार बताया. उनका कहना है कि छात्राओं को अनुशासन में रखने के लिए डांट फटकार जरूरी होती है उन्होंने बताया कि निर्धारित समय के बाद एक कक्षा की छात्रा का दूसरी कक्षा के कमरे में जाना नियम के खिलाफ है, इसी कारण उन्होंने छात्रा को समझाया था.

     सवाल बरकरार

    इस पूरे मामले में एक तरफ छात्रा और उसके परिजन मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर विद्यालय प्रशासन इसे सिरे से खारिज कर रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि अनुशासन के नाम पर आखिर यह कैसा व्यवहार, जिससे छात्रा को अस्पताल तक जाना पड़ा?प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी.

    रिपोर्ट-पंचम झा


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