बंगाल सीएम के पीए की हत्या का क्या है झारखंड कनेक्शन,क्यों पुलिस कर रही यूपीआई एकाउंट की जांच

    बंगाल सीएम के पीए की हत्या का क्या है झारखंड कनेक्शन,क्यों पुलिस कर रही यूपीआई एकाउंट की जांच

    धनबाद(DHANBAD):  बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु  अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या अभी भी "ब्लाइंड मर्डर केस" बनी हुई है.  पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.  झारखंड से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के अपराधियों को खंगाल रही है.  हालांकि पुलिस को कुछ ऐसे सुराग हाथ लगे हैं, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में आसानी हो सकती है.  कहा तो यही जा रहा है कि जिस कार  में अपराधी सवार थे, वह कार  झारखंड से बंगाल में प्रवेश की थी.  वैसे भी, बंगाल पुलिस धनबाद के पाथर डीह  में जांच को  आई थी.  लेकिन यहां कोई सफलता नहीं मिली।   पुलिस इस बात का पता लगा  रही है कि वारदात वाले दिन दोपहर 3:00 बजे से लेकर हत्या होने तक कातिलों की कार  कहां थी? पुलिस को इसका सुराग नहीं मिल रहा है. 

    कार का नंबर कैसे बदल दिए थे क्रिमिनल्स 

     सूत्रों के अनुसार  अपराधियों ने पहचान छुपाने के लिए बंगाल की सीमा में घुसते ही कार  का असली नंबर प्लेट बदल दिया था.  लेकिन एक टोल प्लाजा पार  करते समय, उन्होंने एक पहचान छोड़ दी है.  अपराधियों ने फास्ट ट्रैक या   कैश के  बजाय यूपीआई से पेमेंट किया है. यह  डिजिटल ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए कड़ी बन सकती है. पुलिस बैंक खातों के जरिए अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.  सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार  दोपहर 3:00 बजे मध्य ग्राम क्रॉसिंग पर देखी गई थी.  उससे  पहले उसे बेलदरिया एक्सप्रेस वे पर भी देखा गया था.  इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चल रहा है. 

    केवल एक मिनट के भीतर ही अंजाम देकर निकल भागे अपराधी 
     
    पुलिस यह  मानकर चल रही है कि इस दौरान कातिल शहर की सकरी गलियों  और कम रोशनी वाली सड़कों की रेकी कर रहे थे.  जहां से उन्हें भागना आसान हो सकता था.  आशंका व्यक्त की जा रही है कि हमलावरों को सटीक जानकारी थी कि चंद्रनाथ रथ अपनी महिंद्र स्कॉर्पियो की अगली सीट पर बैठे हैं.  एक  गाड़ी ने  उनकी  गाड़ी को रोका और पीछे से आए बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से गोलियां बरसा दी.  हत्या के बाद हमलावर गाड़ी और बाइक से फरार हो गए थे.  यह सब एक  मिनट के भीतर ही हुआ.  ऐसा माना जा रहा है कि इस हत्याकांड में कई  लोग शामिल रहे होंगें।  स्थानीय अपराधियों ने रेकी  में मदद की होगी ,जबकि शूटर बाहर के रहे होंगें।  इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीम  उत्तर प्रदेश और बिहार भी गई है.  फिलहाल दो-तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.  इस हत्याकांड की जांच के लिए बंगाल पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है. 



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