कार की सीट बेल्ट और एयरबैग का क्या है कनेक्शन, जानिए एक्सिडेंट के दौरान कैसे करता है काम

    कार की सीट बेल्ट और एयरबैग का क्या है कनेक्शन, जानिए एक्सिडेंट के दौरान कैसे करता है काम

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): टाटा संस (Tata Sons) के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) की रविवार को कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद एक सवाल की चर्चा काफी हो रही है. चर्चा है कि क्या कार में बैठा व्यक्ति अगर सीट बेल्ट नहीं लगाया है और किसी कारण कार का एक्सीडेंट हो जाता है तो क्या एयरबैग खुलेगा और खुलेगा तो आपकी कितनी सुरक्षा करेगा. हम आपके सारे सवालों का जवाब इस स्टोरी में आसान भाषा में देंगे.

    सबसे पहले समझते हैं कि सीट बेल्ट और एयरबैग का एक दूसरे से क्या कनेक्शन है. दरअसल, भारत में ज्यादातर कारें ट्विन एयरबैग और सभी सीट पर सीटबेल्ट के साथ आती हैं. सीटबेल्ट और एयरबैग एक्सीडेंट के दौरान मिलकर जान बचाने का काम करती हैं. सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी एयरबैग खुलता जरूर है. लेकिन कार में जहां भी एयरबैग्स होते हैं वहां SRS लिखा होता है. इसका मतलब होता है Supplementary Restraining System. आसान शब्दों में इसका अर्थ समझें तो कार में ये इकलौता जान बचाने वाला उपकरण नहीं है. इसलिए आपको सीट बेल्ट भी बांधना जरूरी होता है.

    बता दें कि कार में लगे एयरबैग्स कई सेंसर से कंट्रोल होते हैं. जैसे इम्पैक्ट सेंसर, प्रेशर सेंसर, ब्रेक प्रेशर सेंसर. उदहारण के तौर पर एक छोटे बच्चे का वजन कम होता है, इसलिए एयरबैग के प्रेशर सेंसर को एक्टिवेट नहीं कर सकता है. ऐसे तो सीट बेल्ट और एयरबैग के बीच कोई इलेक्ट्रॉनिक कनेक्शन नहीं है. लेकिन एक्सीडेंट के दौरान एयरबैग आपकी छाती, चेहरे और सिर की सुरक्षा करता है. वहीं, सीट बेल्ट आपको जोरदार झटके के बावजूद आपके शरीर को सीट पर स्थिर रखने में मदद करता है. ये हादसे की स्थिति में शरीर के गति को रोकता है और आप कार से बाहर नहीं गिरते हैं. ऐसे में आपके सामने एयरबैग खुलता है और आपके सिर और चेहरे को सुरक्षित करता है.

    ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 4 मिनट में सड़क हादसे के कारण एक की मौत होती है. वहीं, प्रतिदिन 426 मौत होती है. एक सर्वे के अनुसार भारत में 10 में से 7 यात्री वाहन की पिछली सीट पर सवारी करते समय कभी भी सीट बेल्ट (Seat Belt) नहीं पहनते हैं. टाटा संस के पूर्व के चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) ने भी सीट बेल्ट नहीं लगाई थी. साइरस मिस्त्री कार की पिछली सीट पर बैठकर यात्रा कर रहे थे. उनके साथ कार की आगे सीटों पर बैठे चालक समेत दोनों लोगों ने सीट बेल्ट लगाई थी. इस हादसे में उनकी जान बाल-बाल बची है. वहीं, साइरस मिस्त्री के पीछे की सीट पर बैठे जहांगीर पंडोल की जान चली गई. दोनों लोगों ने सीट बेल्ट नहीं बांधे थे.


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