धनबाद के सांसद ने माता रानी का दर्शन क्या किया, सोशल मीडिया पर तेज  है "बकबक"

    धनबाद के सांसद ने माता रानी का दर्शन क्या किया, सोशल मीडिया पर तेज  है "बकबक"

    धनबाद(DHANBAD):  चुनाव में अभी देर है लेकिन चौक- चौराहे से लेकर सोशल मीडिया पर कई अर्थी "बकबक"  का दौर शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर एक से एक रोचक पोस्ट डाले जा रहे है.  इन पोस्टों के मतलब एक  नहीं बल्कि सैकड़ों निकाले जा सकते है.  लोग निकाल भी रहे है.  ऐसा तब से शुरू हुआ है, जब से सांसद पीएन  सिंह के नेतृत्व में उनके समर्थकों का दल तारापीठ मैं दर्शन करने को  गया.  हालांकि  दर्शन तो बहाना था, असली मकसद लोगों को जगाना और उनके मन को टटोलना था.  समर्थक कितने जागे, कितनों का मन टटोला गया, इसका कोई भी थर्मामीटर अभी तक चढ़े हुए पारे को नहीं माप पाया है.

    कई अर्थी बातो से सोशल मीडिया अ टा पड़ा है 
      
    लेकिन विधायक राज सिन्हा समर्थकों की  कई अर्थी बातें  सोशल मीडिया पर खूब जगह पा रही है.  शुरुआत तो हुई है राज सिन्हा के ही एक पोस्ट से, जिसमें उन्होंने लिखा है कि यह हंसने की बात है- किस किस को नमन करूं, जो भी मिला "गुरु" ही निकला.  एक पोस्ट यह भी है कि बरसात के पहले फेसबुक पर मेंढक टर्र - टर्र करने लगे है. एक समर्थक ने पोस्ट डाला है कि सारे बादल मिलकर आसमान में सूर्य को कुछ देर के लिए ढक सकते हैं, सूर्य कुछ देर ही बादल में ढक  सकता है.  सूरज की रोशनी बिखेरते ही सारे बादल कहीं दूर दूर तक नजर नहीं आते.  एक यूजर ने लिखा है कि रावण को हारने के पहले माता रानी की याद आई.  ऐसे और भी पोस्ट है.  

    तारापीठ की यात्रा  के बाद शुरू हुई है पोस्टिंग 

    दरअसल तारापीठ की यात्रा में विधायक राज सिन्हा नहीं थे जबकि उनके कट्टर विरोधी पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल इसमें शामिल किए गए थे.  और भी कुछ बातें हो सकती है. लेकिन  सोशल मीडिया पर कई तरह के  दर्द  छलक रहे है. 30 जून को महा जनसंपर्क अभियान खत्म होने के बाद सांसद पीएन सिंह अपने समर्थकों के साथ तारापीठ दर्शन को गए.  इसके पहले उन्होंने मीडिया में एक बयान दिया था कि 2-4 लाख ठेका के लिए जयकारा लगाने वाले के नेता भी सांसद का चुनाव लड़ना चाहते है.  इसी बयान में उन्होंने कहा था कि पार्टी अगर 2024 में भी टिकट देगी तो वह चुनाव लड़ने को तैयार है.  साथ में जोड़ा था कि टिकट देने का पार्टी के पास अपना कायदा और कानून है.  पार्टी पूरी तरह से जांच- पड़ताल के बाद, जिसे चाहती है टिकट देती है.  धनबाद में "गाछे  कटहल,  ओठे तेल " वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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