बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड : संजीव सिंह समेत तीन आरोपियों का कोर्ट में लिखित बयान दर्ज

    बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड : संजीव सिंह समेत तीन आरोपियों का कोर्ट में लिखित बयान दर्ज

    धनबाद(DHANBAD) | धनबाद के बहुचर्चित पूर्व डिप्टी मेयर व झरिया की  विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के पति नीरज सिंह हत्याकांड में गुरुवार को झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने अपना लिखित बयान अदालत में दिया.  उनके अलावा  चंदन सिंह ,डब्लू  मिश्रा एवं विनोद सिंह ने भी अपना लिखित बयान कोर्ट में दायर किया.   संजीव सिंह की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने लिखित जवाब दायर किया.  सभी आरोपियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था.  इसके पूर्व संजीव सिंह 15 जुलाई को अदालत में अपना मौखिक सफाई बयान दर्ज कराया था.  

    झरिया विधानसभा चुनाव हारने के अलावा धनबाद विधानसभा का भी चुनाव  हारे थे

    जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में दाखिल लिखित बयान में संजीव सिंह ने एक बार फिर अदालत के सभी सवालों का लिखित रूप से जवाब दिया.  संजीव सिंह ने अपने जवाब में कहा है कि मृतक नीरज सिंह उन से झरिया विधानसभा चुनाव हारने के अलावा धनबाद विधानसभा का भी चुनाव भारी मतों के अंतर से हारे थे.  मृतक नीरज सिंह जनता के बीच अपने किसी अच्छे व जन सेवा कार्यो के लिए लोकप्रिय नहीं हो रहे थे ,बल्कि अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के कारण चर्चा में थे. 

    धनबाद जिले के छह अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं में  मुकदमे दर्ज किए गए थे

     उनके जीवन काल में उन पर धनबाद जिले के छह अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं के तहत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए थे. संजीव सिंह ने दूसरे सवाल के जवाब में कहा है कि वह न तो कार में बैठे लोगों की हत्या में किसी प्रकार से शामिल थे और ना ही किसी के साथ मिलकर साजिश के तहत कुछ  किया बल्कि घटना के दिन व समय को वह अपने आवास सिंह मेन्शन  में थे. संजीव सिंह ने तीसरे सवाल के जवाब में लिखित रूप से कहा है कि  सभी गवाह  नीरज के काफी करीबी लोग है.  

    पुलिस ने 21 मार्च 17 का सीडीआर और लोकेशन मोबाइल कंपनी से ले  कर कोर्ट में पेश किया है

    पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में उनके मोबाइल का 21 मार्च 17 का सीडीआर और लोकेशन मोबाइल कंपनी से प्राप्त कर कोर्ट में पेश किया है , जिसके अनुसार वह घटनास्थल पर घटना के समय उपस्थित नहीं थे.  संजीव सिंह ने अपने लिखित सफाई बयान में कहा है कि आदित्य राज का मोबाइल फोन का सीडीआर, टावर लोकेशन मोबाइल कंपनी से प्राप्त कर न्यायालय में दाखिल कर उसे मोबाइल कंपनी के नोडल ऑफिसर से प्रमाणित कराया गया है.  आदित्य राज के उक्त मोबाइल लोकेशन व सीडीआर से यही प्रतीत होता है कि वह 21 मार्च 17 से पूर्व व दिनांक 21 मार्च 17 के पूरे दिन धनबाद जिला से बाहर गिरिडीह जिला में मौजूद था. जबकि मैं घटना की तिथि व समय को घटनास्थल के पास भी मौजूद नहीं था.  संजीव ने अपने जवाब में कहा है कि मैं घटना की  तिथि को ,घटना से पूर्व, घटना के समय, व घटना के बाद भी अपने आवास  सिंह मेंशन में सरकार व जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सरकारी अंगरक्षकों के साथ था.  सरकारी अंगरक्षकों ने भी अनुसंधानकर्ता को दिए बयान में इस बात की पुष्टि की है.  संजीव सिंह ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें  किसी के मोबाइल नंबर या उनके बातचीत की जानकारी नहीं है और वह घटनास्थल पर नहीं थे. 



    Related News