WEF 2026, टेक महिंद्रा का झारखंड पर फोकस, एआई, डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का प्रस्ताव


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान झारखंड को आईटी और डिजिटल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है. ग्लोबल आईटी कंपनी टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव रखा है.
दावोस में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना मुर्मू सोरेन और झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल को टेक महिंद्रा के हेड एवं प्रेसिडेंट IMEA डिवीजन शाहिल धवन ने टेक महिंद्रा लाउंज में आमंत्रित किया. इस बैठक में झारखंड के आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने को लेकर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई.
बैठक में टेक महिंद्रा के प्रतिनिधियों ने बताया कि झारखंड तेजी से ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनने की ओर अग्रसर है. एआई और डेटा सेंटर जैसी उन्नत तकनीकों के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता होती है. ऐसे में कंपनी अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज समेत आधुनिक ऊर्जा समाधान विकसित करने में राज्य सरकार के साथ सहयोग कर सकती है.
टेक महिंद्रा ने झारखंड में प्रस्तावित आईटी पार्क को सशक्त बनाने के लिए रणनीतिक भागीदार बनने की इच्छा भी जताई. इसके साथ ही राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की संभावना पर भी सकारात्मक रुख दिखाया गया. यह जीसीसी आईटी सेवाओं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, माइनिंग रिसर्च, फाइनेंस, कस्टमर सर्विस और डिजिटल इनोवेशन जैसे वैश्विक कार्यों का संचालन स्थानीय प्रतिभाओं के माध्यम से करेगा, जिससे झारखंड को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी पहचान मिलेगी.
मानव संसाधन विकास को लेकर टेक महिंद्रा ने बताया कि कंपनी शिक्षा, स्कॉलरशिप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित करती है. झारखंड के युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने का भी प्रस्ताव रखा गया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के आईटीआई संस्थानों को अधिक रोजगार और बाजारोन्मुख बनाने के लिए टेक महिंद्रा से सहयोग का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों की मजबूत साझेदारी से ही युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है.
यह बैठक झारखंड को आईटी, डिजिटल इनोवेशन, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
4+