सड़क पर कपड़े उठाकर चलिए जनाब, क्योंकि यह शहर झरिया है !

    सड़क पर कपड़े उठाकर चलिए जनाब, क्योंकि यह शहर झरिया है !

    धनबाद (DHANBAD): सड़क पर कपड़े उठाकर चलिए, क्योंकि यह शहर झरिया है. यह बातें हम नहीं कह रहे बल्कि गुरुवार को सैकड़ों लोगों की जुवान पर यही स्लोगन था. गुरूवार सुबह हुई बारिश में लगभग पूरी झरिया डूब गया. कुछ देर की बारिश से हर तरफ जल-जमाव हो गया. लोगों में आवागमन में परेशानी हुई, तो वहीं सड़क पर खड़े वाहन के गर्दन तक पानी पहुंच गया. इससे शहर के लोग डरे-सहमे हैं. क्योंकि आज की बारिश के बाद झरिया शहर के अगल-बगल में धसान की घटनाएं बढ़ेगी. गोफ बनेंगे क्योंकि बारिश का पानी भूमिगत आग को बुझाने की कोशिश करेगा और आग इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. आग अब तेजी से ज़हरीली गैस छोड़ेगी, धर्मशाला रोड मातृ सदन सहित अन्य सड़कों पर खड़े लोग कह रहे थे कि शरीर के कपड़े उठाकर चलिए, क्योंकि यह शहर झरिया है.

    कुछ मिंटों की बारिश में बदहाल हुआ झरिया

    जमीन के नीचे आग और ऊपर बिंदास जिंदगी, यही है झरिया शहर की असली पहचान. जमीन के नीचे आग फैलती जा रही है और ऊपर लोग अपनी जिंदगी जी रहे हैं. झरिया शहर की क्या दुर्गत कर दी गई है कि कुछ मिनटों की बारिश में ही शहर पानी में डूब जाता है. झरिया शहर के साथ तो लगातार अन्याय हो ही रहा है, यह अन्याय बीसीसीएल भी कर रही है, झारखंड सरकार भी कर रही है. जिला प्रशासन भी कर रहा है और यहां के जनप्रतिनिधि भी अन्याय करने में पीछे नहीं है. झरिया धनबाद जिले का ऐतिहासिक शहर है. इससे कोई इनकार नहीं कर सकता. झरिया राजा राजवाड़े की शहर रही है. लेकिन आज राजा के महल भी ढह रहे हैं और झरिया शहर को भी बर्बाद किया जा रहा है. झरिया शहर को एक ही बार नहीं बल्कि किस्तों में मारा जा रहा है. गुरुवार को सुबह 11:00 बजे जब बारिश शुरू हुई तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी ही बारिश में झरिया की सड़कें पानी से लबालब हो जाएंगी. अगर नाविक होते तो आज झरिया में नाव जरूर चलती. सड़क पानी से डूब रही थी, सड़क पर खड़े वाहन के गर्दन तक पानी पहुंच रहा था. कुछ मिनटों की बारिश का यह हाल था. अगर घंटे-दो घंटे बारिश हुई तो झारिया का हाल देखने लायक होगा.

    रिपोर्ट: शांभवी सिंह, धनबाद


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news