LS Election 2024: धनबाद के वोटरों ने लोकसभा चुनाव में खूब प्यार लुटाया लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोयलांचल की धमक रही कमजोर

    LS Election 2024: धनबाद के वोटरों ने लोकसभा चुनाव में खूब प्यार लुटाया लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोयलांचल की धमक रही कमजोर

    धनबाद(DHANBAD): केंद्रीय मंत्रिमंडल में धनबाद की हिस्सेदारी नगण्य  रही है .ऐसी बात नहीं है कि यहां के वोटर अपनी जिम्मेवारी निभाने में कोई कोताही की है. धनबाद लोकसभा से दो दो पॉलीटिशियन तीन-तीन बार के सांसद रहे, एक रीता वर्मा चौथी बार भी सांसद बनी, लेकिन अगर रीता वर्मा को छोड़ दिया जाए तो अन्य किसी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. जबकि धनबाद लोकसभा सीट को भाजपा भी गारंटी वाली सीट मानती है. यहां से मजदूर संगठन से जुड़े लोग भी लोकसभा के चुनाव जीते. लेकिन उन्हें भी जगह नहीं मिली.

    प्रोफेसर रीता वर्मा को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में मिली जगह 

    धनबाद लोकसभा क्षेत्र से अब तक 10 लोग सांसद बने हैं. लेकिन चार बार की सांसद रही प्रोफेसर रीता वर्मा को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली. धनबाद लोकसभा से पीसी बोस पहली बार सांसद बने. उसके बाद डीसी मल्लिक यहां से चुनाव जीते. फिर पी आर चक्रवर्ती सांसद बने. लेकिन उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई. इंटक के बड़े नेता रामनारायण शर्मा भी धनबाद लोकसभा से चुनाव जीते, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल पाया. दिग्गज नेता ए के राय यहां से तीन बार सांसद बने. लगातार दो बार जीते और एक बार हारने के बाद फिर तीसरी बार भी जीते. उन्हें भी जगह नहीं मिली. 1984 में शंकर दयाल सिंह यहां से सांसद बने. लेकिन उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई.

    2024 के चुनाव में जो भी जीतेगा वह 11वां सांसद बन जाएगा

    1991, 96 ,98 एवं 99 में हुए लोकसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज करने वाली प्रोफेसर रीता वर्मा को अटल बिहारी वाजपेई सरकार में जगह मिली. वह लगभग 4 साल तक विभिन्न मंत्रालय की मंत्री रही. 2009 में उनका टिकट काटकर पशुपतिनाथ सिंह को भाजपा ने टिकट दिया और वह लगातार तीन बार सांसद रहे. लेकिन मंत्रिमंडल में जगह नहीं पा सके. 2004 में रीता वर्मा को हराने वाले ददई दुबे को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. वह बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके थे. पशुपतिनाथ सिंह तीन बार के सांसद रहे, झारखंड सरकार में मंत्री रहे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे  लेकिन उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. धनबाद के वोटरों ने रिकॉर्ड मतों से  अपना प्रतिनिधि बनाकर ऐसे लोगों को दिल्ली भेजा लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में धनबाद का प्रतिनिधित्व बहुत कम रहा. वह शासन चाहे किसी का भी हो, सब में धनबाद की उपेक्षा की जाती रही. धनबाद से अब तक 10 सांसद चुने गए हैं. 2024 के चुनाव में जो भी जीतेगा वह 11वां सांसद बन जाएगा. भाजपा ने यहां से विधायक ढुल्लू महतो को प्रत्याशी बनाया है तो इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी की प्रतीक्षा की जा रही है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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