विरंची नारायण -श्वेता सिंह आमने -सामने  : हारने -जितने वालों  की कागजी लड़ाई क्या "कुर्सी" तक आई ,पढ़िए दोनों नेताओं के सवाल -जवाब !!

    विरंची नारायण -श्वेता सिंह आमने -सामने  : हारने -जितने वालों  की कागजी लड़ाई क्या "कुर्सी" तक आई ,पढ़िए दोनों नेताओं के सवाल -जवाब !!

    धनबाद(DHANBAD) | बोकारो विधानसभा के हारे  और जीते के बीच "कागजी जंग" शुरू हो गई है.  इस जंग में कौन किस पर भारी पड़ेगा, क्या यह लड़ाई कुर्सी तक पहुंचेगी, यह सब सवाल धीरे-धीरे बड़े होते जा रहे है.  बोकारो की यह  लड़ाई राजभवन तक पहुंच गई है.  देखना दिलचस्प होगा कि आगे आगे होता है क्या? खबर की शुरुआत करते हैं ,बोकारो के पूर्व विधायक विरंची  नारायण के पत्र से.  उन्होंने राज्यपाल को संबोधित पत्र में कहा है कि विधायक श्रीमती श्वेता सिंह 2024 विधानसभा चुनाव में बीएसएल के द्वारा 10- 12 वर्ष पूर्व आवंटित आवास, जिसमें वह रह रही थी, इसकी सूचना छिपाने का काम किया है.  आगे कहा है कि मुझे जानकारी मिली है कि उन्होंने बीएसएल के द्वारा आवंटित आवास का किराया भी बकाया रखा है.  तथा नियम के अनुसार  शपथ पत्र में नो dues  सर्टिफिकेट संलग्न करना होता है, जो उन्होंने जानबूझकर नहीं किया है.   इस प्रकार श्रीमती श्वेता सिंह ने गलत जानकारी शपथ पत्र के रूप में प्रस्तुत किया है.  या एक गंभीर आरोप है.  

    चार वोटर आईडी कार्ड का भी लगा है आरोप 

    आगे कहा है कि श्रीमती श्वेता सिंह के पास वर्तमान में चार वोटर आईडी कार्ड है, जिसका विवरण भी उन्होंने दिया है.  विवरण कुछ इस प्रकार है----EPIC No. GPV2611846- Shweta Singh/श्वेता  सिंह, पति-संग्राम सिंह- बोकारो-36 से निर्गत ,(ii) EPIC No. GPV9912379- Sweta Singh श्वेता  सिंह, पति- संग्राम  सिंह- बोकारो- 36 से निर्गत,(iii) EPIC No. ZUU1677376- Shweta Singh / श्वेता सिंह, पिता-दिनेश कुमार सिंह झाझा, बिहार से निर्गत ,(iv) EPIC No. OKP027096 - SHWETTAA SINGH / श्वेता सिंह,पति - डॉ. संग्राम सिंह- बोकारो-36 से निर्गत. उन्होंने कहा है कि यह  एक गंभीर अपराध है.  आखिर एक व्यक्ति चार जगह से मतदाता कैसे हो सकता है.  चारों वोटर आईडी कार्ड के मतदाता सूचना, मतदाता पर्ची की छाया प्रति संलग्न की जा रही है.

    पूर्व विधायक का आरोप -विधायक के पास है दो पैन कार्ड
      
    इसी प्रकार श्वेता सिंह के पास दो पैन कार्ड है.  वर्तमान में (i) (PAN No. CECPS8218E) पिता का नाम दिनेश सिंह,(ii) (PAN No. CWTPS5392A) जिसमें उनके पति - संग्राम सिंह का नाम अंकित है.  जबकि PAN Card में हमेशा पिता का नाम अंकित
    होता है, न कि पति का नाम. यह भी कहा है कि  यही पैन नं० उन्होंने विधानसभा चुनाव 2024 के नामांकन फार्म में भरा है.  सवाल उठता है कि जब पहले से श्रीमती श्वेता सिंह के नाम पैन कार्ड था, तो उन्होंने दूसरा पैन कार्ड क्यों और किन परिस्थतियों में बनवाया, यह गहन जाँच का विषय है. 

    पूर्व विधायक के आरोपों पर क्या कहती है विधायक श्वेता सिंह 

    इधर इस संबंध में विधायक श्वेता सिंह ने कहा है कि मेरा सिर्फ एक और एक पैन कार्ड और एक ही वोटर कार्ड है.  दूसरा पैन कार्ड कहां से आया और किसने जारी किया है, इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है.  यह जांच का विषय है.  उन्होंने बताया कि दो स्थानों पर वोटर कार्ड जरूर पहले था, लेकिन एक को कैंसिल करने के लिए पूर्व में ही  आवेदन किया था.  इसके लिए बीएलओ से  बात भी हुई थी.  फिलहाल में बेंगलुरु के अस्पताल में इलाजरत  हूं ,वही विधायक के पति संग्राम सिंह ने कहा कि दो पैन कार्ड और वोटर कार्ड की बात पूरी तरह से गलत है. उन्होंने यह भी कहा है कि चुनाव हारने के बाद विरंची  नारायण विचलित हो गए हैं ,और अनाप-शनाप आरोप लगा रहे है. इधर ,विधायक श्वेता सिंह के समर्थको का कहना है कि अगर पूर्व विधायक राजनीतिक लड़ाई को निजी लड़ाई बनाना चाहते है तो स्वर्गीय समरेश सिंह का परिवार सामने खड़ा है और रहेगा ,हर सवाल का जवाब दिया जाएगा. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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