धनबाद: बीसीसीएल के सिजुआ में मजदूरों के दो गुटों में हिंसक झड़प, कई चोटिल, जानिए क्या था डिमांड

    धनबाद: बीसीसीएल के सिजुआ में मजदूरों के दो गुटों में हिंसक झड़प, कई चोटिल, जानिए क्या था डिमांड

    धनबाद(DHANBAD):  हंगामे के कारण लगभग 7 घंटे तक कोल डंप  बंद रहा.  कोल डंप से लोडिंग के लिए 18 गाड़ियों का अलॉटमेंट किया गया था, लेकिन 7 गाड़ियां ही लोड हो पाई.  हंगामा हुआ, लाठियां चटकी, पत्थरबाजी हुई.  दो गुट  आपस में भिड़ गए थे. एक -दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे थे.  यह सब हुआ बुधवार की दोपहर को बीसीसीएल सिजुआ एरिया के मोदीडीह कोल् डंप पर.   पूरा इलाका लगभग एक  घंटे तक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था.  कोयले की पीकिंग  और ब्रेकिंग के  काम के लिए नंबर सिस्टम से ट्रक भेजने की मांग को लेकर पहुंचे एक गुट का दूसरे पक्ष के मजदूरों से भिड़ंत हो गई.  इसके बाद तो पेलोडर से लोडिंग  बाधित कर दिया गया.  लगभग 4 से 5 घंटे तक दोनों पक्ष के मजदूर कोल् डंप  पर डंटे  रहे.  इस बीच हमला बोल दिया गया. कई मजदूर चोटिल हो गए. 

    सीआईएसएफ और पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा 
     
    उसके बाद तो कोहराम मच गया और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई.  सभी मजदूर इधर-उधर जान बचाकर भागे.  सूचना पाकर सीआईएसएफ की टीम और पुलिस ने मोर्चा संभाला, बल प्रयोग कर मजदूरों को हटा  दिया गया. बुधवार की शाम 5 बजे के लगभग एजेंट और अन्य कोयला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. उसके बाद उन्होंने लोडिंग कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. लगभग 7 घंटे के बाद सीआईएसएफ और पुलिस ने लोडिंग का कार्य शुरू करा  दिया. बीसीसीएल की कोलियारियों में पीकिंग और ब्रेकिंग कार्य के लिए दंगल काम करते है. इन दंगलों  को पीकिंग  और ब्रेकिंग का काम दिया जाता है.  ट्रक लोडिंग के हिसाब से उन्हें भुगतान मिलता है. 

    यह सब असंगठित क्षेत्र के मजदूर होते हैं 
     
    यह सब असंगठित क्षेत्र के मजदूर होते है. लोडिंग को लेकर तो हमेशा विवाद होता रहता है. पीकिंग - ब्रेकिंग को लेकर भी अब विवाद शुरू हो गया है. घटनास्थल पर पहुंचे दोनों गुट  काफी आक्रामक थे.  एक दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे थे. अड़े हुए थे कि नंबरिंग सिस्टम से ही ट्रकों  को लोड  कराया जाए. 18 ट्रैक के लिए  मैनेजमेंट ने आवंटन दिया था लेकिन केवल सात  ही बुधवार को लोड हो पाए.  इधर प्रबंधन का कहना है कि आंदोलन की कोई सूचना नहीं दी गई थी.  काम बाधित होने से काफी नुकसान हुआ है.  दो-तीन दिन पहले भी नंबरिंग सिस्टम  की मांग पर कोल् डंप  को बंद कराया गया था.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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