पत्थरों पर चल कर आने-जाने को विवश हैं सनातनपुर गांव के ग्रामीण, आजादी के इतने वर्ष बाद भी नहीं बनी सड़क

    पत्थरों पर चल कर आने-जाने को विवश हैं सनातनपुर गांव के ग्रामीण, आजादी के इतने वर्ष बाद भी नहीं बनी सड़क

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): जमशेदपुर गोबिंदपुर का सनातनपुर गांव आज भी सड़क की बांट जोह रहा है. आजादी के इतने वर्ष बाद भी आज सनातनपुर गांव में सड़क नहीं है. पहाड़ पर बसे इस सनातनपुर गांव के लोग आज भी पत्थरों पर चल कर अपने गांव जाने को विवश हैं. इन्हें देखने व इनका हाल जानने वाला कोई नहीं है.

    जी हां, जमशेदपुर के गोबिंदपुर के पहाड़ों के ऊपर बसे सनातनपुर गांव में जाने के लिए सड़क नहीं है. यहां बसे लोग पथरों पर चल कर अपने गांव जाने के लिए मजबूर है. वहीं, छोटे-छोटे बच्चे स्कूल इसी पथरीली सड़क से हो कर जाते हैं. बरसात के समय इन्हें और भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सबसे बड़ी समस्या गर्भवती महिलाओं को होती हैं. गांव की पथरीली सड़कों पर कोई भी वाहन नहीं आता, जिससे गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ता है.

    वहीं, क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य पारितोष सिंह ने कहा कि वन विभाग की जमीन पर यह गांव बसा है. लेकिन, आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी इस गांव मे सड़क नहीं है. वन विभाग अगर इन लोगों को वन पट्टा देता है तो यहां सड़क बन सकता है.

    वहीं, यहां की महिलाओं ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि पथरीली सड़क से ही सभी को बाजार जाना पड़ता है, जिससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.  उन्होंने कहा कि स्कूल जाने में बच्चों को काफी परेशानी होती है. बच्चे किसी तरह पथरीली सड़क पर चल कर स्कूल जाते हैं. महिलाओं ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है.  इस गांव में एम्बुलेंस नहीं आ पाता. किसी तरह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है.

    रिपोर्ट: रंजीत कुमार ओझा

     

     

     

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news